मनासा। संत श्री उषागंज अयोध्यापुरी धर्मशाला के विशाल परिसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के शुभारंभ से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा के समापन के बाद कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। प्रथम दिवस राष्ट्रीय संत डॉ. श्री कृष्णानंद जी गुरुदेव ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सद्कर्म और आत्मकल्याण का संदेश दिया।
संत श्री कृष्णानंद जी गुरुदेव ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के भीतर सुप्त भक्ति को जागृत करता है। कथा के माध्यम से ईश्वर के प्रति आस्था और समर्पण की भावना मजबूत होती है तथा मनुष्य को अपने आंतरिक विकारों से दूर होने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शास्त्रों में इसके प्रभाव से प्रेत योनि में भटक रहे जीव की मुक्ति का भी उल्लेख मिलता है। कथा श्रवण से जीवन में सद्विचार, भक्ति और सकारात्मक भावों का संचार होता है। कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया।