नीमच। नवम राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आयुष विभाग द्वारा जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण जागरूकता कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इस दौरान गर्भवती एवं धात्री माताओं, किशोरी बालिकाओं तथा बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी गई।
शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय जनकपुर द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-1 पर आयोजित कार्यक्रम में पोषणयुक्त आहार में प्रोटीन एवं फाइबर के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही एनीमिया की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में 33 प्रतिभागी शामिल हुए।
इसी क्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर थड़ोद द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र महुपुरा-मोलकी में पोषण जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक औषधियों का वितरण किया गया। प्रतिभागियों को आहार में प्रोटीन, विटामिन, आयरन एवं खनिज पदार्थों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी गई।
शिविर में मलेरिया एवं डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास तथा छत पर बर्तनों आदि में पानी जमा नहीं होने देने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की जानकारी भी दी गई। शिविर में 40 लाभार्थी शामिल हुए।
जनकपुर के कार्यक्रम में डॉ. नाथूसिंह मौर्य एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुधा भदौरिया ने पोषण संबंधी जानकारी दी। आयोजन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विद्या पाटीदार तथा आशा कार्यकर्ता कविता नागर एवं विद्या चौधरी का सहयोग रहा। वहीं, महुपुरा-मोलकी शिविर में डॉ. आर.पी. वर्मा, संजू भदौरिया एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कृष्णा टेलर ने सेवाएं दीं।