नीमच। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जावद विकासखंड के भ्रमण के दौरान कलेक्टर हिमांशु चंद्र ने ग्राम उपरेड़ा में हितग्राही प्रद्युम्न पाटीदार द्वारा स्थापित केंचुआ खाद यूनिट एवं बायो रिसोर्स सेंटर का अवलोकन किया। इस दौरान पाटीदार ने कलेक्टर को जैविक उद्यम की गतिविधियों, उत्पादन प्रक्रिया एवं उससे होने वाली आय की जानकारी दी।
पाटीदार ने बताया कि बायो रिसोर्स सेंटर में गोबर, गुड़, छाछ, बेसन एवं गोमूत्र आदि का मिश्रण तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जीवामृत बनाया जाता है। कुछ दिनों की प्रक्रिया के बाद तैयार जीवामृत को ड्रमों में संग्रहित कर बाजार में विक्रय किया जाता है।
इसके बाद कलेक्टर ने केंचुआ खाद यूनिट का निरीक्षण किया। पाटीदार ने बताया कि गोबर एवं नीम की खली से जैविक खाद तैयार की जाती है। इस प्रक्रिया से वर्मी वॉश भी प्राप्त होता है, जिसे बोतलों में भरकर बाजार में विक्रय किया जाता है।
उन्होंने बताया कि उनकी स्वयं की डेयरी भी है, जिसमें 25 गायें हैं। डेयरी से प्राप्त गोबर का उपयोग वर्मी कंपोस्ट तैयार करने में किया जाता है। इसके अलावा आसपास की अन्य डेयरियों से गोबर खरीदकर भी वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन किया जाता है।
पाटीदार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2016 में इस यूनिट की शुरुआत की थी। यूनिट की स्थापना एवं विकास में लगभग 60 लाख रुपये का निवेश हुआ है। एमएसएमई विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत उन्हें 25 लाख रुपये का ऋण तथा 8 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। वर्तमान में यूनिट से 11 लोगों को रोजगार मिल रहा है तथा उद्यम से लगभग 20 से 25 लाख रुपये की वार्षिक शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।
कलेक्टर हिमांशु चंद्र ने जैविक संसाधनों के उपयोग से विकसित किए गए इस उद्यम एवं रोजगार सृजन की जानकारी ली तथा यूनिट के विस्तार के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम जावद संजीव साहू, उप संचालक कृषि नगीन सिंह रावत, उप संचालक पशुपालन ए.आर. धाकड़, उप संचालक उद्यानिकी पप्पू कनेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।