नीमच। जिले में देर रात से रुक-रुककर बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। मानसून की सक्रियता के बीच जिले में बारिश का आंकड़ा अब तक 25.9 इंच तक पहुंच गया है। हालांकि, यह औसत बारिश के आंकड़े 32.5 इंच से 6.6 इंच कम है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 43.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, मानसून की सक्रियता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। 21 सितंबर तक प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की स्थिति बन सकती है। 18 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है, जबकि 22 सितंबर से इसमें कमी आने का अनुमान है।
मानसून की विदाई की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से होने का अनुमान है। इसके बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश से भी मानसून की विदाई शुरू हो सकती है। इससे पहले प्रदेश में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। इससे उन जिलों में बारिश का आंकड़ा सुधरने की उम्मीद है, जहां अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है।
नीमच में विकासखंडवार बारिश-
जिले में अब तक 25.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार, नीमच में 27.9 इंच, जावद में 24.7 इंच और मनासा में 22.2 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। जिले की औसत बारिश 32.5 इंच है, जबकि वर्तमान आंकड़ा औसत से 6.6 इंच कम है।
प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश-
पिछले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के करीब 47 जिलों के 190 शहरों एवं कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन और बैतूल शामिल हैं।