रघुनाथगढ़। शासकीय हाई स्कूल रघुनाथगढ़ परिसर में आयोजित विशाल पालक-शिक्षक एवं ग्राम सभा की बैठक गांव के लिए प्रेरणादायी पहल बन गई। शाम 7 बजे शुरू हुई बैठक में बड़ी संख्या में पालक, माताएं, बुजुर्ग, युवा और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। बैठक में बच्चों की शिक्षा के साथ गांव की जीवनरेखा मानी जाने वाली कूड़ेल नदी के पुनर्जीवन को लेकर भी चर्चा की गई।
शिक्षा को लेकर पालकों ने रखे सुझाव
बैठक के पहले सत्र में विद्यालय में बच्चों की शिक्षा और वर्तमान व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। शिक्षकों ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें उचित मार्गदर्शन और पालकों के सहयोग की है। इस दौरान पालकों ने भी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव रखे।
धारावी के बच्चों की कहानी ने किया प्रेरित
बैठक का भावुक और प्रेरणादायी क्षण उस समय आया, जब प्रोजेक्टर के माध्यम से मुंबई के धारावी क्षेत्र में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा संचालित निःशुल्क स्कूल की ‘कौन बनेगा करोड़पति’ से जुड़ी क्लिप दिखाई गई। क्लिप में ऐसे बच्चों की कहानी दिखाई गई, जो कभी कचरा बीनते थे और बाद में शिक्षा के माध्यम से आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में जवाब देते नजर आए।
इस प्रस्तुति ने ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व और बच्चों को बेहतर अवसर देने के लिए प्रेरित किया।
कूड़ेल नदी के पुनर्जीवन पर हुआ मंथन
बैठक के दूसरे प्रमुख सत्र में कूड़ेल नदी पुनर्जीवन परियोजना पर चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि नदी क्षेत्र के खेतों, कुओं और जलस्तर के लिए महत्वपूर्ण है। नदी के कई हिस्सों के विलुप्त होने से जलस्तर पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए इसके पुनर्जीवन की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सामूहिक सहभागिता का संकल्प लिया। बैठक में शिक्षा के साथ योग, ध्यान और प्राणायाम को भी बच्चों और ग्रामीण जीवन से जोड़ने पर चर्चा हुई।
पूर्व सरपंच चंदर सिंह पंवार ने कहा कि उन्होंने ऐसी बैठक पहले नहीं देखी, जिसमें बच्चों के भविष्य, योग-ध्यान और गांव की नदी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एक साथ चर्चा हुई हो।
‘मिलकर रघुनाथगढ़ को मॉडल गांव बनाएंगे’
कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रमुख एवं आयोजन के प्रेरणास्रोत एस.एन. धाकड़ ने सभी पालकों, शिक्षक साथियों, माताओं-बहनों और ग्रामीणों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे गांव की पहल है और सभी के सहयोग से रघुनाथगढ़ को शिक्षा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में मॉडल गांव बनाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक के समापन के साथ ग्रामीणों ने शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।