चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर स्थानीय निवासियों एवं देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने की पहल की है।
जिला कलक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उप अधीक्षक मुख्यालय, पुलिस उप अधीक्षक यातायात, सहायक निदेशक पर्यटन, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण सहायक, फतेह प्रकाश संग्रहालय के संग्रहाध्यक्ष, नगर परिषद एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने दुर्ग पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान जाम की स्थिति से बचाव और यातायात को सुचारू बनाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा कर मौके पर व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
प्रायोगिक व्यवस्था के तहत सतबीस देवरी मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग कर दुर्ग से नीचे आने वाले वाहनों के लिए एकतरफा यातायात व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत दुर्ग से नीचे आने वाले वाहनों को सतबीस देवरी मंदिर के समीप वाली सड़क से डायवर्ट कर रामपोल की ओर से नीचे उतारा गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था फिलहाल प्रायोगिक तौर पर शनिवार एवं रविवार को लागू रहेगी। इसके परिणामों एवं आमजन की सुविधा का आकलन करने के बाद आवश्यकता के अनुसार इसे नियमित रूप से लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस उप अधीक्षक मुख्यालय बृजेश सिंह ने स्थानीय निवासियों, पर्यटकों एवं वाहन चालकों से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने तथा निर्धारित मार्ग का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य दुर्ग पर आने वाले पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उप अधीक्षक यातायात भूराराम, सहायक निदेशक पर्यटन विवेक जोशी, संरक्षण सहायक (एएसआई) गुलशन, फतेह प्रकाश संग्रहालय के संग्रहाध्यक्ष प्रेम शर्मा, अग्निशमन अधिकारी, नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।