भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन 28वें दिन भी जारी रहा। भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) कार्यालय के बाहर पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच उस समय स्थिति संवेदनशील हो गई, जब सात दिनों से निर्जला अनशन पर बैठे राजगढ़ निवासी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ गई।
अभ्यर्थियों के अनुसार, लगातार पानी नहीं पीने के कारण नरेंद्र राजपूत को सीने में दर्द और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई है। उनका दावा है कि वे कई बार बेहोश भी हो चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर तत्काल चिकित्सकीय जांच की मांग की।
खून से लिखा पत्र, इच्छामृत्यु की अनुमति की मांग
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अपने खून से पत्र लिखा। इस पत्र के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल से इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की गई।
निर्जला अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर अभ्यर्थी उन्हें कोई उपहार देने की स्थिति में नहीं हैं। उनके अनुसार, ऐसे में वे अपनी मौत को ही उपहार के रूप में मांग रहे हैं।
तेज बारिश के बीच भी जारी रहा प्रदर्शन
बुधवार रात भोपाल में डीपीआई कार्यालय के बाहर अचानक तेज बारिश हुई। बारिश के कारण प्रदर्शनकारियों का सामान और वे स्वयं भीग गए, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी रहा। अभ्यर्थियों के अनुसार, नरेंद्र राजपूत भी बारिश के बीच अनशन पर बैठे रहे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नरेंद्र राजपूत की तबीयत गंभीर होने के बावजूद गुरुवार सुबह तक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए कोई डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। अभ्यर्थियों ने पुलिस अधिकारियों से भी मदद की गुहार लगाने का दावा किया, लेकिन तत्काल सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया।
पद वृद्धि और दूसरी काउंसलिंग की मांग
शिक्षक अभ्यर्थी वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में वर्ग-2 यानी माध्यमिक शिक्षक भर्ती में कम से कम 10 हजार पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग आयोजित करना शामिल है।
वहीं वर्ग-3 यानी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25 हजार करने और दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की जा रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2018 और 2022 की शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में भी पद बढ़ाकर अतिरिक्त काउंसलिंग कराई गई थी। इसी आधार पर वे इस बार भी उपलब्ध रिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।