चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एमवाईएसवाई) के तहत बैंकों में लंबित आवेदनों के त्वरित निस्तारण को लेकर जिला कलक्टर के निर्देश पर बुधवार को बैंक शाखाओं का औचक निरीक्षण किया गया। आईएएस रविंद्र मेघवाल, लीड बैंक मैनेजर तथा जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के अधिकारियों की टीम ने सेंथी क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं का निरीक्षण कर योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की।
आवेदकों को दस्तावेजों की कमी की तत्काल सूचना देने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई लंबित आवेदनों में आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के संबंध में बैंक शाखाओं द्वारा आवेदकों से अपेक्षित स्तर पर पत्राचार एवं दूरभाष के माध्यम से संपर्क नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण दल ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी आवेदन में आवश्यक दस्तावेजों की कमी होने पर संबंधित आवेदक को तत्काल सूचित किया जाए तथा निर्धारित समयावधि में दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए प्रभावी रूप से संपर्क किया जाए।
कई बैंक शाखाओं में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित
योजना के तहत जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पाए गए। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा डूंगला शाखा में 66, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया गंगरार में 46, बैंक ऑफ बड़ौदा मंगलवाड़ में 46, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कपासन में 45, बैंक ऑफ बड़ौदा भदेसर में 44, बैंक ऑफ बड़ौदा मंगलवाड़ में 43, पालदेवल में 43, निकुंभ में 42 तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया चित्तौड़गढ़ शाखा में 41 आवेदन लंबित हैं। इसी प्रकार एसबीआई बोहेड़ा में 37, पंजाब नेशनल बैंक राजगढ़ में 36, बैंक ऑफ बड़ौदा कपासन में 35, निम्बाहेड़ा में 34, एसबीआई सांवरियाजी मण्डफिया में 33, बेगूं में 32, डूंगला में 32, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया निम्बाहेड़ा में 30 तथा बैंक ऑफ बड़ौदा पारसोली में 28 आवेदन लंबित पाए गए।
बैंकवार लंबित आवेदनों की समीक्षा
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा को योजना के तहत 609 आवेदन प्रेषित किए गए, जिनमें 582 लंबित हैं, जबकि 27 ऋण स्वीकृत एवं 7 ऋण वितरित किए जा चुके हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 539 प्रेषित आवेदनों में से 534 लंबित हैं तथा 5 ऋण स्वीकृत और 2 ऋण वितरित हुए हैं। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 82, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 14, बैंक ऑफ इंडिया में 12, केनरा बैंक में 11, एचडीएफसी बैंक में 61, आईडीबीआई बैंक में 21, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड में 20 तथा चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में 11 आवेदन लंबित हैं। राजस्थान ग्रामीण बैंक में 14 आवेदन लंबित हैं तथा 8 ऋण स्वीकृत एवं 8 वितरित किए जा चुके हैं।
लंबित पात्र आवेदनों का प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करें
आईएएस रविंद्र मेघवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की नियमित रूप से उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है। उन्होंने वित्तीय संस्थानों के स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित आवेदनों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बैंक प्रबंधकों को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पात्र आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। आवश्यक औपचारिकताएं एवं दस्तावेज पूर्ण करवाकर पात्र लंबित आवेदनों को शीघ्र स्वीकृत किया जाए तथा ऋण राशि का वितरण भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजना का लाभ पात्र युवाओं को समय पर मिल सके।
नोटरू वित्तीय वर्ष 800 आवेदकों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।