कुकड़ेश्वर। दशरथ नागदा। पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के समापन अवसर पर कुकड़ेश्वर में सकल जैन श्रीसंघ द्वारा क्षमावाणी एवं तपस्वी बहनों की तपस्या के उपलक्ष्य में भव्य वरघोड़ा निकाला गया। धार्मिक उत्साह और उमंग के बीच निकले वरघोड़े में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ जैन मंदिर पहुंचा। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा धार्मिक जयघोष किया गया। मंदिर पहुंचने के बाद भगवान की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की गई तथा विभिन्न धार्मिक विधि-विधान संपन्न हुए।
इस अवसर पर सकल जैन श्रीसंघ की उपस्थिति में पर्युषण महापर्व का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती की गई। इसके पश्चात श्रीसंघ के सदस्यों ने एक-दूसरे से क्षमायाचना करते हुए ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ कहा।
समारोह के दौरान समाजजनों में आपसी प्रेम, सद्भाव और धार्मिक एकता का भाव दिखाई दिया। पर्युषण महापर्व के दौरान तपस्या एवं धार्मिक आराधना करने वाले तपस्वियों का सम्मान भी किया गया। श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लेते हुए पर्व के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।