चित्तौड़गढ़। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा बायफ के सहयोग से संचालित समाधान परियोजना के तहत जय चित्तौड़ किसान उत्पादक संगठन की वार्षिक आम सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में हिंदुस्तान जिंक के प्रतिनिधि, बायफ के अधिकारी, निदेशक मंडल के सदस्य, शेयरधारक किसान एवं अन्य हितधारक शामिल हुए। बड़ी संख्या में किसानों ने भी सहभागिता की।
वार्षिक आम सभा में बताया गया कि जय चित्तौड़ किसान उत्पादक संगठन ने वर्ष के दौरान उल्लेखनीय प्रगति करते हुए 2 हजार से अधिक शेयरधारकों का आधार तैयार किया है और 2.95 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक टर्नओवर हासिल किया है। कार्यक्रम की शुरुआत एफपीओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा संगठन की दृष्टि, मिशन एवं उपलब्धियों की प्रस्तुति के साथ हुई। वित्त वर्ष 2025-26 की व्यावसायिक उपलब्धियों, किसानों को दी गई सेवाओं और संगठन की विकास यात्रा की जानकारी दी गई।
सभा में वित्त वर्ष 2026-27 की व्यावसायिक योजना, निदेशक मंडल के चुनाव, लाभांश एवं बोनस शेयर वितरण सहित विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। शेयरधारक किसानों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं कृषि सेवा केंद्रों के माध्यम से सर्वाधिक व्यवसाय करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
किसानों को मिल रही बाजार आधारित सेवाएं-
समाधान परियोजना के तहत कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत एफपीओ की स्थापना कर किसानों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। एफपीओ के माध्यम से किसानों को कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरक, उत्पादन प्रबंधन, कटाई, ग्रेडिंग, भंडारण, एकत्रीकरण और कृषि उपज के बेहतर विपणन में सहयोग दिया जा रहा है।
जय चित्तौड़ किसान उत्पादक संगठन से जुड़े किसानों को बाजार भाव की जानकारी, सामूहिक खरीद एवं बिक्री तथा बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं। इससे किसानों की सामूहिक सौदेबाजी क्षमता बढ़ने के साथ कृषि लागत के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिल रही है।
2030 तक 10 करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य-
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक कृषि विभाग डॉ. शंकर लाल जाट ने किसानों को शासन की योजनाओं से जुड़कर उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। नाबार्ड जिला समन्वयक महेंद्र डूडी ने एफपीओ से जुड़े किसानों को बैंकिंग संबंधी जानकारी दी और नाबार्ड की योजनाओं के माध्यम से आजीविका बढ़ाने के उपाय बताए।
बायफ के राज्य प्रमुख पवन पाटीदार ने कहा कि एफपीओ का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 10 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल करना है। उन्होंने नई गतिविधियों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और एफपीओ को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।
जिंक सीएसआर लोकेशन हेड सुन्दरराज ने किसानों को एफपीओ के माध्यम से अधिकाधिक खरीदारी करने के लिए प्रेरित किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी किसानों का आभार व्यक्त किया।
समाधान पहल के तहत हिंदुस्तान जिंक द्वारा राजस्थान के विभिन्न जिलों में किसान उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। इन संगठनों के माध्यम से किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों, सामूहिक विपणन और कृषि व्यवसाय से जुड़कर लाभान्वित हो रहे हैं।