खरगोन। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले बुधवार को जिलेभर के किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यालय पर प्रभावी प्रदर्शन किया। कृषि उपज मंडी में सभा आयोजित करने के बाद किसान ट्रैक्टर रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
किसानों ने फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सी2 प्लस 50 के आधार पर फसलों के लाभकारी दाम तय करने सहित कई मांगों को लेकर हुंकार भरी। सभा में किसानों ने कपास के दामों में आई गिरावट का मुद्दा भी उठाया। किसानों का कहना था कि जो कपास पहले करीब 12 हजार रुपए तक बिक रहा था, नई फसल आने के बाद उसके भाव घटकर 5 से 6 हजार रुपए तक पहुंच गए हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि उनकी उपज के कम दामों को लेकर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाएंगे।
इसके बाद महासंघ की ओर से करीब 60 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इसमें राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर की विभिन्न मांगों को शामिल किया गया। किसानों ने मांग की कि उन्हें अपनी फसल का दाम तय करने का अधिकार मिले और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर फसलों का लाभकारी मूल्य निर्धारित किया जाए।
किसानों ने सम्मान निधि की राशि 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 40 हजार रुपए वार्षिक करने, आयात-निर्यात नीति में सुधार करने तथा कृषि कार्य में उपयोग होने वाले सभी यंत्रों, रासायनिक दवाइयों और बीजों को जीएसटी से मुक्त करने की मांग भी रखी। इसके अलावा लाल मिर्च को सब्जी की श्रेणी से हटाकर मसाले का दर्जा देने सहित अन्य मांगों पर भी शासन का ध्यान आकर्षित कराया गया।
प्रदर्शन के दौरान महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष काकाजी, प्रदेश अध्यक्ष रविदत्त दद्दा, रामेश्वर गुर्जर, किशोर पाटीदार, गोपाल पाटीदार सहित जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।