मनासा। गुर्जर समाज के सामाजिक उत्थान, शिक्षा को बढ़ावा देने, आपसी एकता और संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को देथल स्थित बालाजी धर्मशाला में मनासा गुर्जर समाज की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
बैठक की शुरुआत भगवान श्री देवनारायण के दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पहार अर्पित कर की गई। इसके बाद भगवान श्री देवनारायण की जय-जयकार के साथ उपस्थित वरिष्ठजनों और समाजजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
बैठक में गुर्जर समाज छात्रावास निर्माण, शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी, सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने छात्रावास निर्माण को लेकर उत्साह दिखाते हुए कुल 17 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की।
छात्रावास निर्माण कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए समाजजनों की सहमति से एक निर्माण समिति का गठन भी किया गया। समिति में बंसीलाल गुर्जर, पूर्व मंडी अध्यक्ष को अध्यक्ष तथा मोहनलाल गुर्जर भदवा, जनपद उपाध्यक्ष मनासा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। वहीं अर्जुन गुर्जर बड़ी-कड़ी को सचिव की जिम्मेदारी दी गई।
समिति में राम सिंह गुर्जर देथल, अंबाराम गुर्जर सरपंच देवरी खवासा, रामलाल गुर्जर जालीनेर और देवराम गुर्जर अल्हेड को उपाध्यक्ष बनाया गया। राम नारायण गुर्जर भदवा और राम सिंह गुर्जर लसुड़िया आंजी को कोषाध्यक्ष तथा कैलाश गुर्जर सरपंच नलवा, अमित गुर्जर देवरी खवासा और महेश गुर्जर नलवा को सह सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके अलावा समिति में समाज के कई वरिष्ठजनों और जनप्रतिनिधियों को संरक्षक के रूप में शामिल किया गया। इनमें रतनलाल गुर्जर, खेमराज गुर्जर, बगदी राम गुर्जर, रामेश्वर गुर्जर, पप्पू भाई गुर्जर, राम सिंह गुर्जर, भारत सिंह गुर्जर, अमरलाल गुर्जर, मदनलाल गुर्जर सहित विभिन्न गांवों के समाजजन शामिल हैं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि छात्रावास निर्माण से समाज की भावी पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे और विद्यार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। समाज की एकता और सामूहिक सहभागिता से छात्रावास निर्माण की योजना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
समिति गठन के बाद बालाजी धर्मशाला में सभी समाजजनों एवं वरिष्ठजनों के लिए सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई। बैठक में उपस्थित समाजजनों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।