मंदसौर। जिले में 12, 13 और 14 सितंबर को हुई तेज बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज बदल गया है। मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। बुधवार सुबह से मंदसौर सहित जिले के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप के साथ गर्मी और उमस का असर रहा। पिछले 24 घंटे में जिले में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई।
भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय की 16 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में इस सीजन में अब तक औसतन 726.5 मिमी यानी 28.60 इंच बारिश दर्ज की गई है। जिले की सामान्य औसत बारिश करीब 826.5 मिमी है। इस लिहाज से इस सीजन में अब तक सामान्य से करीब 100 मिमी यानी 3.94 इंच बारिश कम हुई है।
पिछले वर्ष 16 सितंबर तक जिले में 835.1 मिमी यानी 32.88 इंच बारिश दर्ज हुई थी। इस वर्ष पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 108.6 मिमी यानी करीब 4.28 इंच कम बारिश हुई है।
मंदसौर तहसील में सबसे ज्यादा बारिश-
तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार मंदसौर में अब तक सबसे ज्यादा 852.0 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा मल्हारगढ़ में 795.4, शामगढ़ में 787.8, सुवासरा में 785.1, भानपुरा में 756.6, गरोठ में 672.2, कयामपुर में 619.5 तथा सीतामऊ में 494.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
17 से 20 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम-
17 सितंबर को बादल और धूप के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। तापमान करीब 30 डिग्री तक पहुंच सकता है। 18 सितंबर को भी बारिश के आसार हैं और तापमान 27 से 28 डिग्री के आसपास रह सकता है। 19 सितंबर को बारिश की संभावना कम रहेगी और तापमान करीब 29 डिग्री रहने का अनुमान है। 20 सितंबर को तापमान 30 डिग्री तक पहुंच सकता है। बादल बने रहने के साथ कुछ क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अब धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। हालांकि स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मंदसौर सहित पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर-पश्चिमी भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया करीब 19 सितंबर से शुरू होने के संकेत हैं। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि मंदसौर में तत्काल बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी।
गांधीसागर बांध का जलस्तर 1301.63 फीट-
बुधवार को गांधीसागर बांध का जलस्तर 1301.63 फीट दर्ज किया गया। पिछले वर्ष इसी तारीख को जलस्तर 1309.72 फीट था। इस तरह इस वर्ष समान तारीख की तुलना में बांध का जलस्तर 8.09 फीट कम है।
बदलते मौसम में वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े-
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल के डॉ. आकाश चौधरी के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल फीवर और गले के संक्रमण के मरीज सामने आ रहे हैं। दस्त एवं पेट दर्द की शिकायत वाले मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों ने बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मच्छरों से बचाव के साथ साफ पानी पीने और ताजा भोजन करने पर जोर दिया गया है। पानी को उबालकर पीना बेहतर रहेगा। यदि बुखार दो-तीन दिन तक बना रहता है तो बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।