नीमच। नवम राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में आयुष विभाग तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से पोषण एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में गर्भवती एवं धात्री माताओं, किशोरी बालिकाओं, बच्चों और अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, प्रोटीन-फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी गई।
मनासा क्षेत्र के ग्राम शेषपुर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-2 एवं माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 82 हितग्राहियों को पोषण संबंधी जानकारी दी गई। आयुर्वेद के अनुसार उचित मात्रा में गर्म, सुपाच्य एवं हितकर आहार लेने तथा भोजन में प्रोटीन, कार्बाेहाइड्रेट, वसा, विटामिन एवं खनिज पदार्थों का संतुलित समावेश रखने के लिए प्रेरित किया गया। दाल, चना, मूंग, सोयाबीन, दूध-दही एवं मूंगफली जैसे स्थानीय और आसानी से उपलब्ध प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने की सलाह दी गई।
माध्यमिक विद्यालय शेषपुर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक नुकसान तथा शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहने और अन्य लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
नीमच सिटी के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-71 में आयोजित कार्यक्रम में 38 हितग्राहियों को संतुलित एवं विविध आहार तथा प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों के महत्व की जानकारी दी गई। किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती महिलाओं सहित उपस्थित महिलाओं को पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जमुनियाकला के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-2 में आयोजित कार्यक्रम में 35 लाभार्थियों को पोषण एवं प्रोटीनयुक्त आहार के महत्व की जानकारी दी गई। बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं एवं उपस्थित महिलाओं को संतुलित आहार तथा आयुर्वेदानुसार हितकर एवं सुपाच्य भोजन के प्रति जागरूक किया गया।
थडोद के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-2 में आयोजित पोषण शिविर में 48 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरी बालिकाओं एवं बच्चों को पोषक तत्वों के महत्व, मोटे अनाज के उपयोग, मौसमी बीमारियों से बचाव तथा ऋतु के अनुसार उपयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन की जानकारी दी गई।
बामोरा के आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में 28 प्रतिभागियों को प्रोटीन एवं फाइबर युक्त आहार, कुपोषण की रोकथाम, एनीमिया से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में जागरूक किया गया। प्रतिभागियों को स्थानीय एवं आसानी से उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग के लिए प्रेरित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रमों में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं एवं शिक्षकों ने सहभागिता की। इनमें डॉ. मदनलाल पाटीदार, डॉ. सीमा पाटीदार, डॉ. हर्षवर्धन शर्मा, डॉ. विमला पाटीदार, डॉ. आर.पी. वर्मा, डॉ. तारेंद्र सिंह सोनगरा सहित संबंधित स्टाफ एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।