चित्तौड़गढ़। जिले के विभिन्न पुलिस थानों में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जब्त किए गए 31 वाहनों का मंगलवार को निंबाहेड़ा स्थित वंडर टाउन हॉल में खुली बोली के माध्यम से नीलामी कर निस्तारण किया गया। भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशों की पालना में जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति ने यह कार्रवाई की। नीलामी से सरकार को करीब 31 लाख 7 हजार 500 रुपए की राजस्व आय हुई।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिला अफीम उत्पादन क्षेत्र होने के साथ राज्य की सीमा से लगा हुआ है। ऐसे में मादक पदार्थों की तस्करी के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कई वाहन मादक पदार्थों के साथ जब्त किए गए थे। जब्त वाहनों के कारण थानों के मालखाने में जगह की समस्या भी बनी हुई थी। नियमानुसार इन वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की गई।
एनडीपीएस एक्ट के ऐसे मामलों में, जिनमें न्यायालय द्वारा निर्णय हो चुका है अथवा वाहनों का भौतिक सत्यापन किया जा चुका है, संबंधित पुलिस थानों से प्रस्ताव मंगवाए गए। इसके बाद वाहनों की खुली बोली के माध्यम से नीलामी की गई।
नीलामी के लिए पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी। इसमें एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा, अपराध सहायक जोधाराम गुर्जर, उप कोषाधिकारी कैलाश भराड़िया, कनिष्ठ लेखा अधिकारी एवं परिवहन निरीक्षक हरगोविंद गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी शामिल रहे। पुलिस स्टाफ एवं लेखा शाखा के कर्मचारियों ने नीलामी प्रक्रिया में सहयोग किया।
नीलामी में 10 दोपहिया, 15 चौपहिया और 6 भारी वाहन शामिल रहे। चित्तौड़गढ़ के अलावा उदयपुर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा तथा मध्यप्रदेश से भी बोलीदाता पहुंचे। सभी 31 वाहनों को उच्चतम बोली के आधार पर नीलाम किया गया और सफल बोलीदाताओं को अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जब्त अन्य वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया भी नियमानुसार आगे जारी रहेगी।