मनासा। श्री कृष्ण केसरियानाथ गौसेवा जीवदया संस्थान गौशाला, उचेड द्वारा गौसेवा के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। गौमाता की सेवा और ग्रामीण परिवारों को गौसेवा से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार को गौशाला के ‘रोटी वाहन’ का विधि-विधान से पूजन कर शुभारंभ किया गया।
गौशाला समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह सोनगरा ने बताया कि गोवर्धन पूजन के अवसर पर गांव की महिलाएं गौमाता की पूजा-अर्चना के लिए गौशाला पहुंची थीं। इस दौरान महिलाओं ने सुझाव दिया था कि यदि गौशाला की ओर से रोटी वाहन शुरू किया जाए और वह घरों तक पहुंचे, तो वे प्रतिदिन एक रोटी गौमाता के लिए निकालकर गौशाला को दे सकती हैं।
महिलाओं के इस सुझाव को गौशाला समिति ने गंभीरता से लेते हुए रोटी वाहन तैयार कराया। मंगलवार को शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद वाहन के माध्यम से गांव में घर-घर जाकर रोटी एकत्र करने की शुरुआत की गई।
रोटी वाहन के माध्यम से आसपास के गांवों एवं घरों से परिवारों द्वारा गौमाता के लिए दी जाने वाली रोटियां एकत्र की जाएंगी। इसके बाद इन रोटियों को गौशाला लाकर गौवंश को खिलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को ‘पहले रोटी गाय की’ की भावना से जोड़ना और घर में बनने वाली रोटी का एक हिस्सा गौमाता के लिए समर्पित करने की परंपरा को बढ़ावा देना है।
रोटी वाहन के शुभारंभ अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि राजमल नागदा, गौरक्षा दल नीमच जिला अध्यक्ष अंकित जोशी, गौ सम्मान आह्वान अभियान से जुड़े गौभक्त, गौशाला समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।