चित्तौड़गढ़। बिरला कॉरपोरेशन लिमिटेड की चंदेरिया इकाई में 5 से 13 सितंबर तक आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। कथा में बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिवारजनों सहित चित्तौड़गढ़ एवं चंदेरिया क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
इस वर्ष श्रीराम कथा का विशेष केंद्र श्री हनुमानजी के चरित्र एवं उनके जीवन-मूल्यों पर रहा। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को हनुमानजी की अटूट भक्ति, शक्ति, समर्पण, साहस, विनम्रता, कर्तव्यनिष्ठा और निःस्वार्थ सेवा भावना के विभिन्न आयामों को जानने का अवसर मिला।
मानस रत्न श्रीनाथ जी फाउंडेशन, वाराणसी के प्रख्यात कथावाचक श्रद्धेय पंडित श्री आशीष जी मिश्र ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और विशेष रूप से श्री हनुमानजी के चरित्र का सरल, प्रभावशाली एवं भावपूर्ण शैली में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक महानता केवल शक्ति प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उस शक्ति का उपयोग सत्य, सेवा, समर्पण, विनम्रता और लोककल्याण के लिए करने में है।
हनुमानजी के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश-
समापन अवसर पर इकाई प्रमुख श्री जयंत जी कांडपाल ने कहा कि श्री हनुमानजी का जीवन कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देता है। परिवार, समाज और कार्यस्थल पर अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना तथा विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और दृढ़ता बनाए रखना ही उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का वास्तविक माध्यम है।
उन्होंने कहा कि श्री हनुमानजी की शिक्षाएं कार्यस्थल पर भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। हमारी क्षमताएं तभी सार्थक हैं, जब उनका उपयोग सामूहिक उद्देश्य और संस्थान की प्रगति के लिए किया जाए। इसके लिए आपसी सम्मान, सहयोग, समन्वय और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।
श्री कांडपाल ने श्रद्धेय पंडित श्री आशीष जी मिश्र के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रेरणादायी कथावाचन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कथा में निरंतर सहभागिता एवं सहयोग के लिए चित्तौड़गढ़ और चंदेरिया से आए श्रद्धालुओं, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों का भी आभार जताया।
उन्होंने कहा कि सभी की उत्साहपूर्ण सहभागिता से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध एवं अविस्मरणीय बन गया।