सरवानिया महाराज। शहर में 9 सितंबर से शुरू हुआ पांच दिवसीय भादवी बीज मेला 13 सितंबर 2026 को भव्य भजन संध्या के साथ संपन्न हुआ। पांच दिनों तक चले मेले में हजारों लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान ऐतिहासिक महत्व के प्राचीन बाबा रामदेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
जावी रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में 9 सितंबर बुधवार को मेले का शुभारंभ हुआ। पांच दिनों तक प्रतिदिन दोपहर एवं रात्रि में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शुभारंभ अवसर पर जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्जुन माली, हेमंत पुरोहित सहित आसपास की ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच, भाजपा पदाधिकारी एवं निर्वाचित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अतिथियों का नगर परिषद अध्यक्ष रूपेंद्र सिंह जैन, मेला समिति अध्यक्ष सूरज खटीक, उपाध्यक्ष रामलाल राठौर, मंदिर व्यवस्था समिति अध्यक्ष कानसिंह राणावत एवं सदस्यों सहित भाजपा पार्षदों व एल्डरमैनों ने परंपरानुसार दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक वीरेंद्र गुर्जर ने किया, जबकि आभार नगर परिषद अध्यक्ष रूपेंद्र सिंह जैन ने माना।
मेले का आयोजन नगर परिषद सरवानिया महाराज द्वारा श्री बाबा रामदेव मंदिर विकास समिति एवं शहरवासियों के सहयोग से किया गया।
पांच दिनों तक सजी सांस्कृतिक और भजन संध्या की महफिल
9 सितंबर: बालाजी म्यूजिकल ग्रुप सत्तु-भग्गु, चिकारड़ा द्वारा रात्रि 8 बजे बाबा रामदेव के खेल की प्रस्तुति दी गई।
10 सितंबर: शहर की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के बालक-बालिकाओं ने रात्रि 8 बजे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
11 सितंबर: रात्रि 8 बजे भव्य भजन संध्या आयोजित हुई। सुप्रसिद्ध भजन गायक प्रेमशंकर जाट, भीलवाड़ा एवं जीतू धोरा, रतलाम ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
12 सितंबर: विशाल कवि सम्मेलन में देश के ख्यातिप्राप्त कवि मुकेश मौलवा, मुन्ना बैटरी, विजय विद्रोही, सुमित्रा सरल, गोपाल धुरंधर, विनोद 9560 एवं योगेश शर्मा ने देर रात तक अपनी रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया और काव्य रस से सराबोर किया।
13 सितंबर: मेले के अंतिम दिन रात्रि 8 बजे भव्य भजन संध्या आयोजित हुई। राजस्थान के सुप्रसिद्ध लोक गायक प्यारेलाल गुर्जर ने भजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही पांच दिवसीय मेले का समापन हुआ।
झूले-चकरी और बाजार से गुलजार रहा मेला-
पांच दिनों तक मेला परिसर में झूले, चकरी, ट्रेन सहित विभिन्न मनोरंजन के साधन आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में दुकानदारों ने मेले में पहुंचकर दुकानें सजाईं। रोजमर्रा के सामान, सजावटी वस्तुओं, घरेलू उपयोग की सामग्री और बच्चों के खिलौनों सहित विभिन्न वस्तुओं की दुकानें लगीं। मेले में पहुंचे लोगों ने जमकर खरीदारी की।
शहनाई की मधुर धुन से हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत-
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का मेला परिसर के समीप शहनाई वादन की मधुर धुन से स्वागत किया गया। मेला परिसर में आकर्षक विद्युत सज्जा एवं रोशनी की भी व्यवस्था की गई थी।
मेले के सफल आयोजन में पुलिस प्रशासन, नगर परिषद कर्मचारियों, सोसायटी कर्मचारियों, स्वास्थ्य विभाग एवं बिजली कंपनी का भी सहयोग मिला। व्यवस्थाओं को लेकर आमजन ने संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की।