चित्तौड़गढ़। स्थानीय गांधीनगर स्थित समता भवन में आयोजित क्षमापना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महासती पूर्वीश्री ने कहा कि मन में सदैव यह अनुभूति रहनी चाहिए कि किसी से कोई अपेक्षा नहीं है। क्षमायाचना केवल करनी नहीं पड़ती, बल्कि यह भीतर से होनी चाहिए। सरलता से क्षमा मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपेक्षाओं के कारण ही अशांति उत्पन्न होती है।
महासती ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है और सभी अलग-अलग परिस्थितियों एवं वातावरण में रहे हैं। इसलिए जीवन को शांत बनाए रखने के लिए उन प्रवृत्तियों का त्याग करना चाहिए, जिनसे मन अशांत होता है। सामने वाला व्यक्ति अशांत हो या न हो, अशांति का प्रभाव स्वयं पर अवश्य पड़ता है। उन्होंने कहा कि यही सच्चे धर्म का मार्ग है।
उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति भीतर से सरल हो जाता है तो साधना, आराधना, प्रतिक्रमण और पोषध जैसे धार्मिक कार्य भी सहज एवं सफल होते हैं। जीवन में जो मिले, उसे प्रेमपूर्वक स्वीकार करना चाहिए और अनावश्यक अपेक्षाएं नहीं रखनी चाहिए। ‘कोई चाह नहीं, सच्चे सुख का बस मूल यही’ भजन की पंक्तियों के माध्यम से महासती ने मार्मिक संदेश दिया। उन्होंने कर्तव्यबुद्धि से कार्य करने, किसी प्रकार की चाहत नहीं रखने और सभी से हृदय से क्षमा याचना करने का आह्वान किया।
तपस्या करने वालों का किया सम्मान-
कार्यक्रम के दौरान तपस्या का क्रम भी निरंतर जारी रहा। महासतीवर्याओं ने उपस्थित समाजजनों से क्षमायाचना की। तपस्या में श्रीमती सरोज सुराणा ने 28 उपवास, नवीन पोखरणा एवं दीक्षित नाहर ने 9 उपवास, शिल्पा पोखरना ने 10 उपवास, अरुणा पोखरना ने 8 उपवास तथा ललित भड़कत्या ने 7 उपवास किए। श्रीमती जतनबाई जी 46 दिनों से बियासना तप कर रही हैं।
श्रीमती पारस देवी मेहता ने एक माह तक 24 घंटे मौन एवं 24 घंटे मोबाइल त्याग का संकल्प निभाया। इसके अलावा अनेक श्रावकों ने बेला, तेला, चार एवं पांच उपवास सहित विभिन्न तपस्याएं कीं। लगभग पांच वर्ष की आयु के बालक-बालिकाओं ने भी अनेक छोटे-छोटे प्रत्याख्यान किए।
चारों इकाइयों की ओर से की क्षमायाचना-
क्षमायाचना कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष गौतम पोखरना, संघ संरक्षक शांतिलाल जारोली, संघ अध्यक्ष शंकर सुराणा, आदित्येंद्र सेठिया, समता युवा संघ अध्यक्ष अनूप पोखरना, रमेश नागौरी, कोमल पोखरना, अजय नागौरी, रेखा नागौरी एवं रेखा बोरदिया ने संघ की चारों इकाइयों- श्री साधुमार्गी जैन श्रावक संघ, समता महिला समिति, युवा संघ एवं समता बहू मंडल की ओर से सामूहिक रूप से क्षमायाचना की।
संघ महामंत्री सुशील अंबानी ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। संघ संरक्षक नवल सिंह मोदी, जिनेंद्र कुमार मेहता, हगामी लाल भड़कत्या एवं हस्तीमल पोखरना ने पर्युषण पर्व के बाद भी तप, त्याग, धर्म एवं ध्यान को उत्साहपूर्वक जारी रखने तथा अधिकाधिक धर्मलाभ लेने की अपील की। सामूहिक प्रेरणा के लाभार्थी दिनेश कुमार डांगी एवं परिवार रहे।