चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने शुक्रवार को आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 एवं शहरी सेवा शिविर-2026 सहित राजस्व, कृषि एवं अन्य विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने, राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा आमजन को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 एवं शहरी सेवा शिविर-2026 की प्रगति की समीक्षा करते हुए शिविरों में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निस्तारण एवं पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही राजकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं पुनः अतिक्रमण के मामलों में प्रभावी कार्रवाई जारी रखने तथा सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में राजस्थान टेनेंसी अधिनियम, 1955 की धारा 175 एवं धारा 183-बी के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। साथ ही गैर खातेदारी से खातेदारी अधिकार प्रदान करने के लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के अकृषि प्रयोजन हेतु भूमि परिवर्तन के प्रकरणों, निर्धारित अवधि में उपयोग नहीं की गई परिवर्तित भूमि से संबंधित मामलों तथा राजस्व नियमों के तहत आवंटित राजकीय भूमि के उपयोग की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में नामांतरण, सीमांकन, पत्थरगढ़ी एवं फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्राथमिक जांच से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने भू-राजस्व की विभिन्न मदों में वसूली एवं बकाया राशि, विभागीय ऑडिट पैरों की अनुपालना रिपोर्ट, कानून व्यवस्था की स्थिति, तथा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी करने से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा भी की।
बैठक में लाइट पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों, खरीफ संवत 2082 के लिए कृषि आदान अनुदान, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों, राहत एवं रिजेक्ट प्रकरणों, क्रॉप वेरिफिकेशन एवं पोर्टल अपडेट की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण, रात्रि विश्राम, प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम, आकस्मिक निरीक्षण, कार्यालयों में समय की पाबंदी तथा दैनिक जनसुनवाई की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से फील्ड भ्रमण कर आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में पंजीयन लक्ष्यों की प्राप्ति तथा लोकायुक्त से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्ध कार्य संस्कृति अपनाते हुए सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन दिनेश धाकड़ एवं (भू.अ) रामचंद्र खटीक, अति. जिला कलक्टर रावतभाटा राजलक्ष्मी गहलोत सहित जिले के उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सहित राजस्व संबंधी अधिकारी मौजूद रहे।