चित्तौड़गढ़। शहर के नशा मुक्ति केंद्र सुख सेवा संस्थान में शुक्रवार को उपचाररत रोगियों के लिए एचआईवी एवं टीबी रोग परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान श्री सांवलिया चिकित्सालय के एचआईवी एवं एड्स विभाग की काउंसलर एवं एआरटीसी कॉर्डिनेटर वंदना दशोरा तथा पीगॉन कॉर्डिनेटर राहुल गुर्जर ने संस्थान पहुंचकर सभी उपचाररत रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने टीबी एवं एड्स रोग के कारणों, लक्षणों, उपचार एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन रोगों से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बीमारी की चपेट में आने के बाद उपचार लंबी प्रक्रिया हो सकती है, साथ ही कई बार मरीजों को सामाजिक और मानसिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
संस्थान अध्यक्ष गफ्फार पठान ने कहा कि नशे की स्थिति में कई बार व्यक्ति ऐसी गतिविधियों में शामिल हो जाता है, जिससे एचआईवी जैसे गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि एक ही सुई का कई लोगों द्वारा उपयोग करना तथा असुरक्षित यौन संबंध जैसी स्थितियां संक्रमण का प्रमुख कारण बन सकती हैं। इसलिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
इस अवसर पर संस्थान के काउंसलर प्रभात शर्मा ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जितेंद्र तोमर, विनय पालीवाल, बिजेंद्र, कमलेश, गोविंद सहित संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।