मनासा। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक नगीन सिंह रावत, सहायक संचालक कृषि रमेश चौहान एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राहुल धाकड़ के संयुक्त दल ने मनासा एवं रामपुरा तहसील क्षेत्र का सघन भ्रमण कर खरीफ फसलों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्राम दूधलई, जन्नोद, लसुडिया इस्तमुरार, हरीपुरा सहित आसपास के विभिन्न गांवों के खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद किया और फसलों के बेहतर प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान दल ने सोयाबीन, मक्का, मूंगफली एवं उड़द की फसलों का बारीकी से निरीक्षण किया। विगत चार से पांच दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण क्षेत्र में खरीफ फसलें अच्छी स्थिति में पाई गईं। अधिकारियों ने खेतों में मिट्टी की नमी, फसलों में कीट एवं रोगों के संभावित प्रकोप का आकलन करते हुए किसानों को समय पर सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी। अधिक खरपतवार प्रभावित खेतों में निंदाई-गुड़ाई कर खरपतवार नियंत्रण करने के निर्देश भी दिए गए।
उप संचालक कृषि नगीन सिंह रावत ने किसानों को श्ई-विकास प्रणालीश् के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने के लिए ई-टोकन बुक करने की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था किसानों के लिए खाद वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं सुविधाजनक बना रही है।
किसानों ने भी ई-विकास प्रणाली के प्रति संतुष्टि व्यक्त करते हुए बताया कि अब उन्हें उर्वरक प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता। टोकन पर निर्धारित मूल्य अंकित होने से पारदर्शिता बढ़ी है और सभी विक्रेता तय दर पर ही उर्वरक उपलब्ध करा रहे हैं।
उप संचालक कृषि रावत ने किसानों से अपील की कि वे उर्वरक, बीज अथवा कीटनाशक दवाइयां खरीदते समय विक्रेता से पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई दुकानदार पक्का बिल देने से मना करता है अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जा सके।