नीमच। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में 9 जून को विशेष मातृत्व स्वास्थ्य अभियान आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर गर्भवती एवं प्रसवोत्तर महिलाओं की विशेष जांच कर उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जून 2016 में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत की गई थी। पिछले एक दशक में इस अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। समय पर जांच और पंजीयन के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया गया है।
ग्राम स्तर तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा-
डॉ. प्रसाद ने बताया कि 9 जून को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस भी आयोजित किया जाएगा। इस कारण ग्राम स्तर पर ही गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ एवं एएनएम द्वारा गर्भवती एवं प्रसवोत्तर महिलाओं की संपूर्ण एएनसी प्रोफाइल जांच की जाएगी। साथ ही ब्लड सैंपल संग्रह, आवश्यक दवाइयों का वितरण तथा स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा।
विशेषज्ञ चिकित्सक देंगे सेवाएं-
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एल. पाटीदार ने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जीरन में डॉ. लाड धाकड़, सिंगोली में डॉ. आकांक्षा सिंह एवं डॉ. सलोनी शर्मा, सिविल अस्पताल जावद में डॉ. कमला भायल, मनासा में डॉ. बी.एल. भायल, रामपुरा में डॉ. नितीन जैन तथा जिला चिकित्सालय नीमच में डॉ. अंगूरबाला पाटीदार एवं डॉ. रूकसीन खान सेवाएं प्रदान करेंगी।
नवीन पंजीयन पर रहेगा विशेष फोकस-
अभियान के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला की जांच का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही नई गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका पंजीयन किया जाएगा तथा उन्हें एमसीपी कार्ड भी वितरित किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद ने जिले की सभी गर्भवती एवं प्रसवोत्तर महिलाओं से 9 जून को आयोजित शिविरों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की अपील की है।