उज्जैन। कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक के द्वितीय सत्र में पशुपालन, पशु चिकित्सा एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं पशु चिकित्सा उमाकांत उमराव, प्रबंध निदेशक म.प्र. मत्स्य महासंघ अनुराग चौधरी, संभागायुक्त आशीष सिंह सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पशुपालन क्षेत्र में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, संतुलित पशु आहार और हरे चारे के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। प्रमुख सचिव उमराव ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुओं की उन्नत नस्ल और संतुलित पोषण आवश्यक है। उन्होंने पशु चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा हिरण्य गर्भ अभियान के तहत कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि जिले में इस वर्ष सेक्स सॉर्टेड सीमेन के एक लाख उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट ने शहरी क्षेत्रों में चलित मिल्क एटीएम शुरू करने की योजना की जानकारी दी।
बैठक में क्षीरधारा ग्राम योजना, डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना एवं चलित पशु चिकित्सा इकाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को सक्रिय मैत्री कार्यकर्ताओं को पहचान-पत्र जारी करने तथा अधिक से अधिक गांवों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त वर्णवाल ने 100 से 1000 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले जलाशयों का सर्वे कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं को मत्स्य पालन से जोड़ने, मत्स्य आहार निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहित करने तथा मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत स्मार्ट फिश पार्लर के प्रभावी संचालन पर जोर दिया।
बैठक में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को योजनाओं के लाभों की जानकारी सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।