शाजापुर। विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जिला शाजापुर नीतूकांता वर्मा के द्वारा आरोपी कांताप्रसाद शर्मा पिता लालजीराम शर्मा, सहायक राजस्व निरीक्षक नगर पालिका परिषद शाजापुर, निवासी-79 महात्मा गांधी मार्ग शाजापुर मप्र को दोषी पाते हुये भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 में तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10,000 रू के जुर्मानें तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1)बी सहपठित धारा 13(2) में चार वर्ष के सश्रम कारावास और 10,000 रू के जुर्मानें से दण्डित किया गया।
जिला मीडिया प्रभारी सचिन रायकवार ने बताया कि, आरोपी कांताप्रसाद शर्मा ने दिनांक 03 अगस्त 2016 तथा इसके पूर्व कार्यालय नगर पालिका परिषद शाजापुर में सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर पदस्थ रहते हुए आवेदक चन्द्रनाथ सिंह से हाट मैदान स्थित नीलाम दुकान की शेष राशि व उक्त दुकान का आधिपत्य दिलवाने के ऐवज में 50,000 रू रिश्वत की मांग की एवं दिनांक 06 अगस्त 2016 को 12.50 से 13 बजे के मध्य कार्यालय- नगर पालिका परिषद शाजापुर में आवेदक चन्द्रनाथ सिंह से 10,000 रूपये रिश्वत राशि प्राप्त की।
लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के द्वारा सम्पूर्ण अनुसंधान पश्चात चालान विशेष न्यायालय शाजापुर में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी सचिन रायकवार, विशेष लोक अभियोजक जिला शाजापुर द्वारा की गई।
माननीय न्यायालय के समक्ष विशेष लोक अभियोजक सचिन रायकवार के द्वारा लिखित में अंतिम तर्क भी प्रस्तुत किये। अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुये आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया। प्रकरण में ट्रेप कार्यवाई निरीक्षक ईदल सिंह रावत विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन के द्वारा की गई थी।