मंदसौर। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा सभी जिलों में सीपीआर संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किये जाने के फलस्वरूप पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिला मुख्यालय पर जिला पुलिस बल के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु दुर्घटना में या अचानक बेहोश होने वाले व्यक्तियों को सीपीआर के माध्यम से जान बचाने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन दिनांक 25 फरवरी 2023 को यशोधर्मन नगर थाने में किया गया।
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि आज पूरे जिले में विभिन्न थानों और पुलिस लाइन में सीपीआर ट्रेनिग दी गई। अनुभवी डॉक्टर्स विभिन्न थानों में गए हैं और प्रत्येक पुलिस कर्मी को सीपीआर टेक्निक है उसके बारे में जानकारी दी है।
डाक्टर विनोद ने बताया कि आकस्मिक परिस्थितियों में मरीज या घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए सीपीआर एक बहुत महत्वपूर्ण तरीका है। कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एक आपातकालीन प्रक्रिया है जो किसी व्यक्ति की सांस या दिल के रुकने पर उसकी जान बचाने में मदद कर सकती है। इससे कार्डियक अरेस्ट और सांस न ले पाने जैसी आपातकालीन स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। सीपीआर कोई दवा या इंजेक्शन नहीं है। यह एक तरह की प्रक्रिया है, जिसे मरीज के शरीर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति की सांस रुक जाने पर सांस वापस लाने तक या दिल की धड़कन सामान्य हो जाने तक छाती को दबाया जाता है, जिससे शरीर में पहले से मौजूद वाला खून संचारित होने लगता है। साथ ही इस प्रक्रिया में मरीज के मुंह में मुंह से सांस भी दी जाती है।
विशेष प्रशिक्षण सत्र के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सीपीआर को दिये जाने हेतु डेमो करके दिखाया तथा पुलिस कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा स्वस्थ रहने के संबंध में भी जानकारी दी गयी।