खरगोन। म.प्र. लघुवेतन कर्मचारी संघ ने जिले के कोटवारों की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने 27 अक्टूबर को सौंपे गए। इस ज्ञापन में सात सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनके निराकरण की अपेक्षा की गई है। संघ की प्रमुख मांग प्रदेश के 38,000 कोटवारों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देना है। इसके अलावा, जिन कोटवारों ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें उनकी योग्यतानुसार सहायक पटवारी, भृत्य, कंप्यूटर ऑपरेटर या वाहन चालक के पद पर पदोन्नति देने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में भूमिधारी कोटवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिए जाने का अनुरोध भी शामिल है। संघ ने कहा कि शासन के आदेशानुसार हर वर्ष कोटवारों को 500 रुपये की वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाना चाहिए। साथ ही, कोटवारों की वर्दी, जूते और अन्य सामग्री की राशि भी पिछले वर्षों की तरह सीधे उनके बैंक खातों में डाली जाए। संघ ने शासन के प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन के आदेश 313 (दिनांक 1/7/1973) और सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र एक-5/6/1973 के अनुसार संघ के पत्रों का उत्तर देने का भी आग्रह किया। म.प्र. लघुवेतन कर्मचारी संघ, खरगोन के जिला अध्यक्ष महेन्द्र शर्मा और प्रांत अध्यक्ष संरक्षक चूरामन रैकवार ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं किया गया है।