नीमच। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमन वैष्णव की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय एपीसी समूह की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं, निर्धारित लक्ष्यों और विभागीय प्रगति की समीक्षा की गई। सीईओ ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले में कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। उपसंचालक कृषि को किसानों को ऐसी फसलों के प्रति जागरूक करने और आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही जिले में उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने की जानकारी दी। जल संरक्षण और सिंचाई दक्षता बढ़ाने के लिए ड्रिप, स्प्रिंकलर तथा प्रेशराइज्ड पाइप प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया।
एग्री स्टैक के तहत फार्मर रजिस्ट्री में प्रगति बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत उद्यानिकी विभाग को प्रत्येक ग्राम पंचायत से कम से कम एक आवेदन तैयार कर बैंक भेजने को कहा गया। किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि उपज मंडी समिति के सचिव को ई-मंडी व्यवस्था में किसानों की उपज बिक्री की औसत अवधि चार घंटे से अधिक नहीं होने देने के निर्देश दिए गए। बैठक में एमपी फार्म गेट व्यवस्था शीघ्र शुरू करने, कृषि यंत्रीकरण, मत्स्य पालन, सहकारिता और पशुपालन विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति करने तथा किसान क्रेडिट कार्ड और पशुपालन केसीसी प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक सी.पी. पचौरी, उपसंचालक कृषि नगीन सिंह रावत, उपसंचालक उद्यानिकी पी.एल. कनेश सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।