नीमच। जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल में सम्भावित पेयजल संकट के समाधान के लिए कार्ययोजना अभी से तैयार कर लें। ग्रामीण क्षेत्रों व शहरी क्षेत्रों में पंचायतों व निकायों के माध्यम से पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। यह निर्देश कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ गुरूप्रसाद, कार्यपालन यंत्री लोक स्वा यांत्रिकी, सभी जनपद सीईओ एवं सीएमओ उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनपद सीईओ और लोक स्वा यांत्रिकी विभाग ग्राम पंचायत वार पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर लें और गर्मी में यदि पेयजल संकट की सम्भावना हो, तो निजी पेयजल स्त्रोत को अधिगृहण के लिए चिन्हित कर लें। ग्रामीण व शहरी नल-जल योजनाओं के संधारण मरम्मत, पाईप लाईन सुधार, हेण्डपम्पों की मरम्मत, पाईप लाईन बढाने व सिंगल फेज विद्युत पम्प स्थापना के कार्य अभी से कर लिये जाये, ताकि गर्मी में पेयजल संकट की समस्या का सामना ना करना पडे।
बैठक में बताया गया कि रामपुरा नगर, जावद, रतनगढ, मनासा नगर, डीकेन, सरवानिया महाराज, सिंगोली, नीमच शहर में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से हो रही है। नयागांव, व अन्य नगरीय निकायों में भी पेयजल की कोई समस्या नही है और ग्रीष्मकाल में भी पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए, कि सभी सीएमओ व सीईओ क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की ग्रीष्मकाल को देखते हुए समीक्षा कर ले और कार्ययोजना बना लें। पाईप लाईन विद्युत पम्प व अन्य सामग्री की उपलब्धता अभी से सुनिश्चित कर लें, जिससे कि गर्मी में कोई समस्या ना रहे।