BREAKING NEWS
KHABAR : नयागांव में हर्षाेल्लास से मनाया.. <<     VIDEO NEWS: तिरंगे की शान, जवानों का शौर्य और बच्चों.. <<     VIDEO NEWS: तिरंगे से सजे वाहन, युवाओं का जोश और भारत.. <<     BIG REPORT : हाथों में तिरंगा, दिलों में देशभक्ति..,.. <<     कालापीपल के भैसागढ़ा में धूमधाम से मना 80वां.. <<     KHABAR : स्वतंत्रता दिवस पर नीमच विधायक दिलीप.. <<     NEWS : आजादी के पर्व पर हरियाली का संकल्प,.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में.. <<     NEWS : नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के.. <<     KHABAR : तिरंगे संग निकले नन्हे देशभक्त, भाटखेड़ी.. <<     NEWS : वंडर सीमेंट लि. के पाटनी पब्लिक स्कूल में.. <<     KHABAR : समाजसेवी अंबालाल पाटीदार ने स्कूल में.. <<     KHABAR : भारत माता के जयघोष से गूंजा शहर, नीमच में.. <<     कसरावद में हर्षोल्लास से मना 80वां स्वतंत्रता.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
November 20, 2023, 10:11 am
KHABAR : मीठा तालाब पर महिलाओ ने की छठ पूजा डूबते हुए सूर्य को दिया अर्घ्य, वस्त्र धारण कर पुजा पाठ के बाद सात्विक भोजन ग्रहण, पढे़ अभिषेक सोनी की खबर

Share On:-

देवास। दीपावली के बाद सूर्य उपासना का तीन दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन आज मीठा तालाब पर महिलाओं ने छठ पूजा की। इस दौरान पूजा पाठ कर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया। बता दे कि पूर्वाेत्तर भारत के राज्यों में छठ पर्व का बड़ा महत्व है लेकिन अब यह पूरे देश के साथ ही दुनिया भर के कई हिस्सों में मनाया जाता है। छठ पूजा का तीन दिवसीय पर्व  प्रथम दिन नायक-खाय के साथ शुरू होता है जिसमें छठ पूजा की नहाए खाए परंपरा में स्नान के बाद वस्त्र धारण कर पुजा पाठ के बाद सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है वहीं छट पूजा के दूसरे दिन खरना होता है खरना के दिन एक समय मिठा भोजन किया जाता है इस दिन गुड से बनी चावल की खीर खाई जाती है इस प्रसाद को मिट्टी के नये चूल्हे पर आम की लकड़ी से आग लगाकर बनाया जाता है इस प्रसाद को खाने के बाद व्रत शुरू होता है। वही छठ पूजा का सबसे महत्वपूर्ण तीसरा दिन संध्या अर्ध का होता है इस दिन जहां पर नदी और तालाब में डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है वही इस दिन महिलाएं उपवास रखती है और सूर्य भगवान की पूजा करती है दूसरे दिन भी तालाब पर पहुंचकर महिलाओं द्वारा पूजा की जाती है और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है मान्यता है कि इस व्रत को विवाहित महिला ही करती है इस व्रत को करने से निसंतान को संतान प्राप्ति होती और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE