नीमच। निर्माण क्षेत्र में नई क्रांति का पर्याय बन चुके बाबजी के एएसी ब्लॉक अब सिर्फ मध्यप्रदेश और राजस्थान ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल, असम सहित भारत के पूर्वाेत्तर राज्यों तक अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। इंडियामार्ट जैसे प्रतिष्ठित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से यह उत्पाद अब देशभर के ग्राहकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
आपकों बता दें कि इंडियामार्ट भारत का अग्रणी ऑनलाइन बी2बी मार्केटप्लेस है, जो छोटे-बड़े उद्योगों, उद्यमियों और खरीदारों को एक साझा मंच प्रदान करता है। इसी मंच पर उपलब्ध बाबजी के एएसी ब्लॉक ने दूर-दराज के राज्यों में भी ग्राहकों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित की है। हालाँकि दूरी की वजह से परिवहन में कुछ कठिनाइयाँ अवश्य हैं, लेकिन उत्पाद की गुणवत्ता और ग्राहकों की मांग दिनों दिन बढ़ रही है।
मजबूती ने तोड़े रिकॉर्ड
बाबजी एएसी ब्लॉक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी असाधारण मजबूती है। लेब टेस्टिंग में जहाँ पारंपरिक ईंट की स्ट्रेंथ मात्र 2 एमपीए पाई गई, वहीं बाबजी एएसी ब्लॉक की स्ट्रेंथ 5 से 6 एमपीए तक दर्ज की गई है। यही कारण है कि यह ब्लॉक अब ईंटों का बेहतर और टिकाऊ विकल्प बन चुका है।
लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी-
निर्माण कार्य में बाबजी एएसी ब्लॉक का उपयोग करने से न केवल भवन की मजबूती बढ़ती है बल्कि निर्माण की कुल लागत में भी 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आती है। यहीं कारण है कि आज छोटे मकानों से लेकर बड़े सरकारी भवनों तक, हर जगह इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार ने भी अपने शासकीय निर्माण कार्यों में बाबजी एएसी ब्लॉक को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह इसकी विश्वसनीयता और उच्च गुणवत्ता का बड़ा प्रमाण है।
बाबजी के एएसी ब्लॉक की विशेषता-
बाबजी के एएसी ब्लॉक की विशेषता यह है कि इसके उपयोग में रेती, सीमेंट और तराई का झंझट नहीं रहता है। अग्निरोधी होने के साथ ही बाबजी का एएसी ब्लॉक साउंड प्रूफ भी है। यह ब्लॉक हल्का होने के बावजूद अधिक मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल है।
कम समय में एएसी ब्लॉक ने मचाई दुनिया में धूम-
एमपी के नीमच स्थित झांझरवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित बाबजी इंडस्ट्रियल प्राइवेट लिमिटेड ने बहुत ही कम समय में डबल एसी ब्लॉक की दुनिया में धूम मचा दी है। बाबजी एएसी ब्लॉक को आईएसओ 9001 भी मिल गया है। सरकार के लोक निर्माण विभाग और मप्र पुलिस हाउसिंग बोर्ड ने भी बाबजी के एएसी ब्लॉक को शासकीय कार्यों में लगाए जाने की मंजूरी दे दी है।