नीमच। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्वच्छता को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए स्पष्ट कहा कि नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर चंद्रा ने सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ एवं प्लास्टिक मुक्त नीमच के निर्माण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक घर एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण अनिवार्य रूप से कराया जाए तथा कचरा संग्रहण वाहनों में भी पृथक संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी नगरीय निकायों को 15 दिवस के भीतर बल्क वेस्ट जनरेटर्स का चिन्हांकन कर उनकी अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बंद पड़े कम्पोस्ट प्लांटों को शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रत्येक परिवार को दो डस्टबिन के उपयोग के लिए प्रेरित करने, प्रतिबंधित प्लास्टिक के विरुद्ध सघन जब्ती एवं चालानी कार्रवाई करने तथा बाजारों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापारिक संगठनों के सहयोग से विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने सार्वजनिक स्थलों, सड़कों एवं बाजारों में कचरा फैलाने वालों के विरुद्ध स्पॉट फाइन की कार्रवाई तेज करने तथा चिन्हित कचरा प्रभावित स्थलों पर सात दिवस के भीतर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 7 से 9 बजे तक अपने-अपने क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
रामपुरा ट्रेंचिंग ग्राउंड के निरीक्षण में पाई गई लापरवाही पर कलेक्टर ने संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। वहीं मनासा एसडीएम द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने पर उन्होंने नाराजगी भी व्यक्त की।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी को सभी विद्यालयों में स्वच्छता शपथ एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने, विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाने तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सभी अस्पतालों में बायो-मेडिकल अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निस्तारण की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में बायो-मेडिकल वेस्ट को नगरीय निकायों के ट्रेंचिंग ग्राउंड अथवा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नहीं डाला जाना चाहिए। सभी अनुविभागीय अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमों के पालन की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, एसडीएम नीमच पराग जैन, जावद एसडीएम संजीव साहू, मनासा एसडीएम किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद डामोर, सीएमएचओ डॉ. दिनेश प्रसाद सहित जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।