BREAKING NEWS
KHABAR : जंगलों में चल रही अवैध भट्टियों पर दबिश,.. <<     BIG NEWS : ऑपरेशन सुदर्शन चक्र- 2 के तहत चित्तौड़गढ़.. <<     VIDEO NEWS: राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार पर.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ पुलिस का अलर्ट, अब सूदखोरी और.. <<     सड़क पर तड़पती जिंदगी को बचाने की बड़ी.. <<     खरगोन में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का.. <<     KHABAR : रामराजा मंदिर की सुरक्षा में तैनात होगा.. <<     खरगोन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 55 हजार के इनामी.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : पथ से प्रगति तक पीएम स्वनिधि योजना में.. <<     BIG NEWS : मंत्री राकेश सिंह सपरिवार पहुंचे महाकाल.. <<     KHABAR : आत्मीयता की पंगत, पीएम आवास लाभार्थी के घर.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : ब्लैक स्पॉट पर डीआईजी भसिन का निरीक्षण,.. <<     KHABAR : असंगठित श्रमिकों को पेंशन का सहारा, नीमच.. <<     KHABAR : विश्व पर्यावरण दिवस पर भाजपा का.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : दुधाखेड़ी माताजी मंदिर भोजनशाला को मिली.. <<     KHABAR : हर्बल औषधियों की प्रसंस्करण इकाइयां.. <<     बालीपुर धाम सरकार के पूज्य गुरुदेव योगेश जी.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
November 27, 2023, 7:04 pm
NEWS : बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड की वार्षिक रिपोर्ट ने पीआरएसआई नेशनल अवॉर्ड जीता, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

Share On:-

चित्तौड़गढ। बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट के लिए पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया नेशनल अवॉर्ड द्वितीय पुरूस्कार जीता है। यह अवॉर्ड डॉ भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, जनपथ, नई दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल पब्लिक रिलेशंस फेस्टिवल में कंपनी के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। वार्षिक रिपोर्ट की वारली-कला थीम वाले कॉन्सेप्ट को व्यापक रूप से सराहा गया है। वारली कला भारत की चित्रकला की सबसे पुरानी विधाओं में से एक है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह 10वीं शताब्दी ई पू की है। उत्तरी सह्याद्रि रेंज के जनजातीय लोगों द्वारा पारंपरिक रूप से प्रचलित यह कला प्रकृति के तत्वों और मिट्टी के रंगों को जियोमेट्रिक्ल अरेंजमेंट के साथ जोड़ती है। वारली वास्तव में महाराष्ट्र और भारत की महान विरासतों में से एक है। पारंपरिक शैली को ध्यान में रखते हुए, वारली चित्र अनौपचारिक और खूबसूरत होते हैं, जबकि इनमें सौम्यता की ताकत का तत्व होता है।एमडी और सीईओ, बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड संदीप घोष, ने कहा कि इस बार कंपनी को महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के मुकुटबन में हमारे नवीनतम ग्रीन-फील्ड इंटीग्रेटेड सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के नजरिए से पेश करने का प्रयास किया गया, जिसकी वार्षिक स्थापित क्षमता 3.9 मिलियन टन है और इसे 2,744 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया। चूंकि मुकुटबन महाराष्ट्र में है इसलिए हमने महाराष्ट्रीयन कला विरासत को दर्शाते हुए वारली कला मार्ग को चुना है। बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड की जनकल्याण और सीएसआर गतिविधियों के परिणामस्वरूप, वारली कला की अंतर्निहित भावना सामने आई है। वास्तव में, फ्रंट कवर और दूसरे कवर से लेकर कॉर्पाेरेट सूचना पृष्ठों तक सभी चित्र, वारली कला के ढांचे के भीतर, सस्टेनेबिलिटी के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। हमने अपना जूट डिवीजन प्रस्तुत किया है, जो एक बार फिर पर्यावरण संतुलन के संरक्षण के लिए हमारी प्रतिबद्धता है, जिसमें जूट की खेती, कटाई, कताई और बुनाई को दर्शाने वाली वारली कला की मूर्तियों और डिजाइनों का उपयोग किया गया है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE