नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में प्याज उगाने वाले किसान इस समय गहरे संकट से गुजर रहे हैं। खेतों से मंडी तक पहुंची फसल से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लागत निकालना तो दूर, मंडी तक लाने का किराया भी नहीं निकल पा रहा।

नीमच कृषि मंडी में प्याज की कीमत मात्र 2 रुपये से 12 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं हकीकत यह है कि उनकी आय आधी भी नहीं बची। प्याज से जो उम्मीदें थीं, वे पूरी तरह टूट चुकी हैं।

एक किसान ने बताया लागत भी नहीं निकल रही, हम अपना और परिवार का पेट कैसे भरें? जब फसल खेतों में होती है, तो व्यापारी इसे कौड़ियों के भाव खरीदते हैं और जब यही फसल बाजार में जाती है, तो दाम आसमान छूने लगते हैं। इस बिचौलिए व्यवस्था से किसान सीधे नुकसान झेलते हैं। एक अन्य किसान ने जानकारी दी कि मंडी में एक ही दिन में 10,000 से ज्यादा बोरी प्याज की आवक हुई, लेकिन भाव इतने कम मिले कि मेहनत का कोई मोल नहीं रहा।

किसानों का कहना है कि यदि यही हाल रहा, तो वे प्याज की खेती बंद करने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से अपील की है कि प्याज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया जाए, ताकि लागत का सही दाम मिल सके। किसानों का कहना है कि जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनकी मेहनत का फल दूसरों की झोली में जाता रहेगा और किसान यूं ही निराश होते रहेंगे।
