प्रतापगढ़। कृषि उपज मंडी प्रतापगढ़ में व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और व्यापारियों–किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए शुक्रवार को ठेला एवं गुमटी व्यवसायियों तथा किसानों ने गजेंद्र चंडालिया के नेतृत्व में मंडी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मंडी प्रशासन पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कृषि उपज मंडी प्रशासन द्वारा 38 दुकानों का आवंटन गुपचुप तरीके से किया गया, जिसकी प्रक्रिया और पारदर्शिता संदिग्ध है। इसके अलावा गुमटी धारकों पर अनावश्यक दबाव बनाने और उन्हें परेशान करने की शिकायत भी की गई।
किसानों ने मंडी परिसर में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मंडी में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है, ना ही मूत्रालय और शौचालय बने हुए हैं। वहीं, मंडी में लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। बारिश के मौसम में किसानों की उपज को सुरक्षित ढकने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होने की शिकायत भी की गई। सोरण का ठेका भी लंबे समय से लंबित है, जिसकी शीघ्र प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई।
किसानों और व्यापारियों ने कृषि उपज मंडी प्रशासक के नाम ज्ञापन सौंपकर सभी मांगों के त्वरित निराकरण की मांग की।
इस अवसर पर गजेंद्र चंडालिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गरीब ठेला और गुमटी व्यवसायियों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तथा किसानों की जायज़ मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रतापगढ़ बंद का आह्वान कर बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।