नीमच। शहर की कृषि उपज मंडी में होने वाले व्यापारी संघ के चुनाव ने अब दिलचस्प और निर्णायक राजनीतिक मोड़ ले लिया है। 4 जनवरी को अध्यक्ष पद एवं कार्यकारिणी के लिए होने वाले चुनाव को लेकर मंडी परिसर पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे मंडी की राजनीति में सरगर्मी तेज होती जा रही है और दोनों प्रमुख दावेदारों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
स्थानीय राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा चुनाव-
मंडी चुनाव अब केवल संगठनात्मक दायरे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सामाजिक, जातिगत और राजनीतिक समीकरण भी खुलकर उभरने लगे हैं। यही कारण है कि इस चुनाव को स्थानीय राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है और इसके परिणामों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
राकेश भारद्वाज ने किया तूफानी जनसंपर्क-
इसी कड़ी में गुरुवार को चंगेरा कृषि उपज मंडी में अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार राकेश भारद्वाज ने तूफानी जनसंपर्क अभियान चलाया। उन्होंने मंडी परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापारियों से सीधा संवाद कर समर्थन मांगा। जनसंपर्क के दौरान जगह-जगह व्यापारियों ने उनका स्वागत किया, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया।
जनसंपर्क में हुई विधायक बापू की एंट्री-
जनसंपर्क अभियान के दौरान नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार की मौजूदगी ने चुनाव को और भी राजनीतिक रंग दे दिया। राकेश भारद्वाज (अफसर) के साथ विधायक की उपस्थिति को राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे मंडी चुनाव में सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि विधायक की सक्रियता से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
दोनों प्रमुख दावेदारों ने झौंकी ताकत-
जहां एक ओर राकेश भारद्वाज ने नई कृषि उपज मंडी में अपनी ताकत झोंकी, वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष पद के दूसरे प्रमुख दावेदार गोपाल गर्ग (जीजी) ने पुरानी कृषि उपज मंडी और औषधि मंडी क्षेत्र में जोरदार प्रचार कर अपनी दावेदारी मजबूत की। दोनों खेमों के समानांतर और आक्रामक प्रचार ने चुनाव को कांटे की टक्कर की ओर धकेल दिया है।
प्रत्याशी गर्ग ने व्यापारियों को दिलाया भरोसा-
प्रचार के दौरान गोपाल गर्ग ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि वे पिछले 40-45 वर्षों से मंडी से जुड़े हुए हैं और हर परिस्थिति में व्यापारियों के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधी रात को भी यदि व्यापारी को उनकी आवश्यकता पड़ी, तो वे उपलब्ध रहेंगे। वहीं राकेश भारद्वाज ने अपने 20 वर्षों के अध्यक्षीय अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में व्यापारियों को कभी असुविधा नहीं होने दी गई और आगे भी पारदर्शिता, सुरक्षा और सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
4 जनवरी पर टिकी सभी की निगाहें-
मंडी में इस समय चुनावी चर्चा हर जुबान पर है। व्यापारी वर्ग सक्रिय रूप से समीकरणों का आकलन कर रहा है और माहौल पूरी तरह चुनावी बन चुका है। अब सभी की निगाहें 4 जनवरी पर टिकी हैं, जब मतदान और मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि नीमच व्यापारी संघ की कमान किसके हाथों में जाएगी। फिलहाल इतना तय है कि यह चुनाव कड़ा, रोचक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम साबित होने वाला है।