नीमच। व्यापारी संघ चुनाव के माहौल के बीच नीमच कृषि उपज मंडी में लहसुन व्यापार को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। कुछ समय पहले तक लहसुन के भाव निचले स्तर पर चले गए थे, लेकिन अब एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। बुधवार को मंडी में देसी लहसुन के अच्छे दाम मिलने से किसानों के चेहरे खिले नजर आए।

किसानों से उच्च गुणवत्ता की लहसुन लाने की अपील-
हनुमंतिया गांव के प्रगतिशील किसान प्रेम प्रकाश धाकड़ ने बताया कि वे मंडी में उच्च गुणवत्ता वाला देसी लहसुन लेकर आए हैं, जो आज शुक्रवार को 18 हजार 500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिका, जबकि दो दिन पूर्व यही लहसुन 21 हजार 300 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। दीपावली के बाद से अब तक लहसुन के भावों में 3 से 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है।

गुणवत्ता और वैज्ञानिक खेती का असर-
प्रेम प्रकाश धाकड़ ने बताया कि उनके क्षेत्र में शिक्षित किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं। फसल में रोग नियंत्रण, समय पर दवाइयों का प्रयोग और सल्फर की पर्याप्त मात्रा से लहसुन की गुणवत्ता बेहतर होती है। सल्फर की मौजूदगी से ही देसी लहसुन में तीखी गंध और औषधीय गुण बने रहते हैं। उन्होंने भंडारण को लेकर भी किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी। बताया कि गर्मी में हवादार जगह, ठंड के मौसम में उचित ढकाव और तापमान नियंत्रण से अंकुरण रोका जा सकता है, जिससे वजन और गुणवत्ता बनी रहती है।

आगे और बढ़ सकते हैं भाव-
किसान ने बताया कि देशभर में लहसुन की रोजाना खपत करीब एक लाख बोरी है, जबकि वर्तमान आवक इससे कम बनी हुई है। ऐसे में यदि आवक नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में भाव 2 से 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल और बढ़ सकते हैं। उन्होंने किसानों से एक साथ ज्यादा माल मंडी में नहीं लाने की अपील की।

सरकार से निर्यात बढ़ाने की मांग-
प्रेम प्रकाश धाकड़ ने सरकार से मांग की कि भारतीय देसी लहसुन को अधिक से अधिक निर्यात के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विदेशी लहसुन हाइब्रिड और रासायनिक होता है, जबकि भारतीय लहसुन में औषधीय गुण अधिक होते हैं। मंडी में आज उच्च गुणवत्ता वाला देसी लहसुन सर्वाधिक भाव पर बिका, जिससे किसानों को आगामी सीजन के लिए बेहतर उम्मीदें बंधी हैं।
