BREAKING NEWS
BIG NEWS : मिलावटी मावा बेचने वाले को न्यायालय ने.. <<     BIG NEWS : एनडीपीएस एक्ट के दो फरार इनामी आरोपी.. <<     BIG REPORT : झाबुआ जिला चिकित्सालय में 19 वर्षीय.. <<     KHABAR : अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर जिला.. <<     KHABAR : राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिले में पोषण.. <<     KHABAR : जलझूलनी एकादशी पर भक्तिमय हुआ मनासा,.. <<     KHABAR : एड्स से बचाव और नशे के दुष्प्रभावों पर.. <<     BIG NEWS : रामपुरा क्षेत्र में रफ्तार का कहर, पेड़ से.. <<     BIG NEWS : कलेक्टोरेट में जनसुनवाई के दौरान पहुंचे.. <<     KHABAR : सेवा संकल्प अभियान में खेतपालिया में.. <<     KHABAR : जलझूलनी एकादशी पर यादव समाज का भव्य.. <<     BIG REPORT : एसपी के सामने पहुंची जनता की शिकायतें, 74.. <<     KHABAR : दोस्ती और आस्था की अनोखी मिसाल, दो युवाओं.. <<     KHABAR : जलझूलनी ग्यारस पर दूदरसी में निकला भगवान.. <<     REPORT : शामगढ़ में जनसुनवाई में उमड़े आमजन, 35 आवेदन.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
May 17, 2026, 3:15 pm
KHABAR : ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध, 20 मई को मेडिकल बंद, हरदा में 200 दुकानें बंद रहेंगी, 3 करोड़ कारोबार प्रभावित होने का अनुमान, पढे़ खबर 

Share On:-

हरदा। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। इस राष्ट्रव्यापी बंद के समर्थन में हरदा जिले की 200 से अधिक मेडिकल दुकानें भी बंद रहेंगी, जिससे लगभग 3 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। रविवार को शहर की एक निजी होटल में जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।


एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कृष्णदास चाचरे ने बताया कि सरकार ने पिछले वर्षों में जेएसआर 817 और जेएसआर 220 नामक दो नोटिफिकेशन जारी किए थे। इनके तहत ऑनलाइन दवा का अनियंत्रित बाजार चल रहा है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।


गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी दवा का व्यापार ड्रग एक्ट के कानूनों के तहत होता है, जिसमें दवा का भंडारण, वितरण और अन्य नियम तय होते हैं। हालांकि, ऑनलाइन माध्यम से मिलने वाली दवाओं के भंडारण, तापमान नियंत्रण और परिवहन के नियमों का पालन कैसे किया जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। इससे दवाओं की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।


चाचरे ने यह भी बताया कि ऑनलाइन कंपनियां जरूरत से ज्यादा छूट दे रही हैं, जो अक्सर एक दवा दुकानदार के खरीद मूल्य से भी कम होती है। इस तरह की भारी छूट से नकली दवाओं की बिक्री का खतरा बढ़ जाता है। कई जगहों पर नकली दवाओं के गोदामों पर छापे पड़े हैं, जिससे यह आशंका और मजबूत होती है कि जहां अधिक छूट दी जा रही है, वहां नकली दवाओं की संभावना अधिक है।


संदेह- दवाओं का गलत इस्तेमाल हो सकता है
कोषाध्यक्ष राहुल बंसल ने बताया कि कुछ दवाएं बिना पर्ची के नहीं बेची जातीं, क्योंकि उनका गलत उपयोग नशे के रूप में हो सकता है। ऐसी दवाएं, जिनका दुरुपयोग संभव है, उन्हें हम बिना प्रिस्क्रिप्शन के ग्राहकों को नहीं देते हैं, लेकिन वे ऑनलाइन आसानी से बिक रही हैं।


इन सभी मुद्दों को रोकने के लिए केमिस्ट एसोसिएशन ने एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है और सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री को बंद करने की मांग की है। हड़ताल के दौरान, आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोर से दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE