शाजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मालवा प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग का औपचारिक शुभारंभ रविवार सुबह 10 बजे सरस्वती विद्या मंदिर, दुपाड़ा रोड परिसर में हुआ। वर्ग का उद्घाटन प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, वर्ग सर्वाधिकारी प्रवीण सैनी और वर्ग कार्यवाह राधेश्याम पाटीदार ने मां भारत के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रकाश शास्त्री ने शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संघ शिक्षा वर्ग केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रभाव और व्यक्तित्व निर्माण की एक साधना है। उन्होंने बताया कि 15 दिनों तक स्वयंसेवक परिवार और व्यक्तिगत सुविधाओं से दूर रहकर सामूहिक जीवन, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और संगठनात्मक जीवन का अभ्यास करते हैं।
संघचालक ने वर्ग का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य ऐसे कार्यकर्ता तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करते हुए अपने परिवार, व्यवसाय और सामाजिक दायित्वों का भी प्रमाणिकता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने श्व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माणश् को संघ कार्य का मूल मंत्र बताया।
वर्ग में कम साधनों में सामूहिकता के साथ जीवन जीने की प्रक्रिया स्वयंसेवकों में समायोजन, सहनशीलता और सहयोग की भावना विकसित करती है। यहाँ बौद्धिक चर्चा, शारीरिक प्रशिक्षण, योग, खेल, गीत, समता और नियुद्ध जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों का सर्वांगीण विकास किया जाता है।
28 जिलों से कुल 234 शिक्षार्थी प्रशिक्षण लेने पहुंचे
इस संघ शिक्षा वर्ग में मालवा प्रांत के 8 विभागों के 28 जिलों से कुल 234 शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचे हैं। आगामी 15 दिनों तक चलने वाले इस वर्ग में प्रतिदिन सुबह से रात तक निर्धारित समयानुसार शारीरिक एवं बौद्धिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। वर्ग के समापन पर होने वाले प्रकट कार्यक्रम में शिक्षार्थी अपने प्रशिक्षण, अनुशासन एवं विविध कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
इस वर्ग की एक विशेष बात यह है कि इसकी संपूर्ण व्यवस्थाएं स्वयं संघ के कार्यकर्ता ही संभाल रहे हैं। भोजन, आवास, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा, जल प्रबंधन और अन्य सभी व्यवस्थाओं का दायित्व स्वयंसेवकों की ओर से सेवा भाव से निभाया जा रहा है। कार्यकर्ता बिना किसी विशेष सुविधा की अपेक्षा के अनुशासित और आत्मीय वातावरण में कार्य कर रहे हैं, जो संघ की कार्यपद्धति और सामूहिक जीवन का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन
वर्ग परिसर में “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है। प्रदर्शनी का उद्घाटन अतिथियों की ओर से किया गया।
प्रदर्शनी में राष्ट्र जागरण, सेवा, सामाजिक समरसता, ग्राम विकास, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण एवं संगठन विस्तार से जुड़े विभिन्न आयामों को चित्रों और जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।