रतलाम। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास आर.के. सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 16 मई से 26 मई तक जिले में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत किसानों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, आत्मा, मत्स्य पालन आदि की नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कृषि रथ के माध्यम से किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों से अवगत कराया जा रहा है।
विभिन्न विकासखंडों में हुआ भ्रमण-
16 मई को विकासखंड आलोट के विक्रमगढ़, पाटन, तालोद; बाजना के हेवडादामाकला, कुंदनपुर; पिपलौदा के आम्बा, उम्मेदपुरा, गुडरखेडा; सैलाना के करिया, भिलों की खेड़ी, मकोडिया रूंडी; रतलाम के शिवपुर, रामपुरिया, लुनेरा तथा जावरा के जावरा, भीमाखेड़ी, लुहारी में कृषि रथ द्वारा भ्रमण किया गया।
इस दौरान किसानों को जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि, पराली न जलाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, फसल विविधीकरण, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना तथा ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी दी गई।
आगामी भ्रमण कार्यक्रम-
18 मई को कृषि रथ विकासखंड आलोट के भोजाखेड़ी, कलासिया, भीमाखेड़ी; बाजना के झरनिया, उकाला, गढ़ी कटाराकला, करबलखोरा; सैलाना के चावड़ाखेड़ी, सरवन, पुन्याखेड़ी; रतलाम के बिरमावल, पिपलौदी, पिपलखूंटा; जावरा के झालवा, रीछाचांदा, कलालिया तथा पिपलौदा के शेरपुर, बड़ोदा एवं मचुन क्षेत्रों में भ्रमण करेगा।अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन ग्राम पंचायतों में उपस्थित होकर कृषि संबंधी योजनाओं एवं तकनीकी जानकारी का लाभ लें।