नीमच। कांग्रेस नेत्री बंसल ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि NEET परीक्षा घोटाले ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने के बजाय लगातार NTA का बचाव कर रहे हैं। बंसल ने कहा कि जब लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके परीक्षा देते हैं और दूसरी तरफ पेपर लीक माफिया लाखों-करोड़ों रुपये लेकर प्रश्नपत्र बेचते हैं, तब यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ सीधा विश्वासघात है। इससे पहले भी कई विवादों में NTA और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों को हटाने का केवल दिखावा किया गया, लेकिन बाद में उन्हें फिर महत्वपूर्ण पदों पर बैठा दिया गया। इससे साफ है कि सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय दोषियों को बचाने में लगी हुई है।
बंसल ने कहा कि NEET परीक्षा में इस बार 22 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया, लेकिन परीक्षा के तुरंत बाद पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, ग्रेस मार्क्स में गड़बड़ी और करोड़ों रुपये के लेन-देन जैसी गंभीर बातें सामने आईं। इससे पहले UGC-NET परीक्षा रद्द करनी पड़ी, SSC और कई राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक के कारण विवादों में रहीं। पिछले कुछ वर्षों में देशभर में दर्जनों बड़ी परीक्षाएं पेपर लीक की भेंट चढ़ चुकी हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सबसे दुखद बात यह है कि हर बार सरकार जांच का दिखावा करती है, कुछ छोटे लोगों की गिरफ्तारी होती है, लेकिन बड़े नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई कभी नहीं पहुंचती। मेहनती और ईमानदार छात्र अवसाद, निराशा और बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, जबकि भ्रष्ट तंत्र लगातार मजबूत होता जा रहा है।
बंसल ने कहा कि भाजपा सरकार 2014 में भ्रष्टाचार खत्म करने, व्यवस्था सुधारने और भारत को विश्व शक्ति बनाने के वादों के साथ सत्ता में आई थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि सिर्फ पांच साल दीजिए, देश की तस्वीर बदल देंगे, लेकिन 12 साल बाद देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। आज बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, महंगाई से मध्यम वर्ग टूट रहा है, रुपया कमजोर हो रहा है, शेयर बाजार में अस्थिरता है और आम आदमी पर टैक्स तथा आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
सरकार जनता से त्याग की बात करती है, विदेश यात्रा और खर्च कम करने की सलाह देती है, लेकिन दूसरी तरफ बड़े उद्योगपतियों और सत्ता से जुड़े लोगों को हर तरह की छूट और संरक्षण मिलता दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कभी सस्ते तेल और राष्ट्रीय हितों की बात करने वाली सरकार आज अंतरराष्ट्रीय दबावों के सामने कमजोर दिखाई देती है। चीन आज भारत से कई गुना आगे निकल चुका है क्योंकि वहां सरकार ने शिक्षा, तकनीक, उद्योग और दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान दिया, जबकि यहां असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धर्म, भावनाओं और मीडिया नैरेटिव का सहारा लिया जा रहा है।
बंसल ने कहा कि देश का युवा अब समझ चुका है कि केवल भाषणों और प्रचार से देश मजबूत नहीं बनता। मजबूत देश वही बनता है जहां शिक्षा व्यवस्था निष्पक्ष हो, संस्थाएं स्वतंत्र हों, युवाओं को रोजगार मिले और सरकार जवाबदेह हो। आज भारत का मेहनती छात्र खुद को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहा है। अगर परीक्षाएं ही सुरक्षित नहीं रहेंगी तो मेहनत, प्रतिभा और मेरिट का क्या महत्व रह जाएगा?
बंसल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि शिक्षा मंत्री तत्काल इस्तीफा दें, NEET सहित सभी प्रमुख पेपर लीक मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए, पेपर लीक माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो तथा प्रभावित छात्रों को न्याय और सुरक्षा दी जाए। देश के युवाओं के भविष्य को नेताओं और अधिकारियों के भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ाया जा सकता।