माउंट आबू। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह आज विश्व प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने जैन धर्म की अद्भुत श्वेतांबर परंपरा और विश्व धरोहर के रूप में प्रसिद्ध इस मंदिर संकुल के विभिन्न मंदिरों का सपरिवार अवलोकन किया।
मंदिर परिसर पहुंचने पर उन्होंने भगवान नेमिनाथ की श्यामवर्ण प्रतिमा के समक्ष धूप-दीप कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात उन्होंने मुख्य मंदिरों के विशाल गुंबदों एवं स्तंभों पर की गई बारीक एवं उत्कृष्ट शिल्पकला का गहन अवलोकन किया। इस अद्भुत कारीगरी को देखकर वे अत्यंत अभिभूत हुए।
मंदिर प्रबंधक गोवर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया और मंदिर के लगभग हजार वर्ष पुराने इतिहास की जानकारी प्रदान की। इस पर सिंह ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से संगमरमर को बिना किसी आधुनिक तकनीक के इतनी ऊंचाई पर लाकर उसे तराशकर जो अद्भुत कलाकृतियां निर्मित की गई हैं, वे शिल्पकारों की असाधारण प्रतिभा का प्रमाण हैं। उन्होंने ऐसे शिल्पकारों को कोटि-कोटि नमन किया।
उन्होंने मंदिर के निर्माणकर्ताओं जैन श्रेष्ठि मंत्री विमल शाह एवं वस्तुपाल-तेजपाल की भी प्रशंसा करते हुए उन्हें विश्व के श्रेष्ठ दानवीरों में से एक बताया। आगंतुक पुस्तिका में उन्होंने लिखा कि यह मंदिर अपनी अद्भुत कला, निष्ठा और संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा यह मानव सभ्यता की महान धार्मिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि इसकी शिल्पकला और सूक्ष्म नक्काशी को देखकर गर्व और गौरव की अनुभूति होती है तथा भारत के समृद्ध अतीत पर गर्व बढ़ता है।
मंदिर प्रांगण के अतिथि गृह में सेठ क.प. ट्रस्ट की ओर से प्रबंधक गोवर्धन सिंह ने जैन परंपरा अनुसार उपसभापति का तिलक, माल्यार्पण, साफा पहनाकर एवं सम्मान कर बहुमान किया।
इस अवसर पर स्थानीय राजस्व अधिकारी कुंजर बिहारी झा, सुखराज सिंह एवं अभिषेक जैन भी उपस्थित रहे।