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May 19, 2026, 1:39 pm
BIG REPORT : ठिकरिया डेम की ऊंचाई बढ़ाने पर ग्रामीणों का उग्र विरोध, पुराने रास्ते बंद होने से आवागमन ठप होने की आशंका, प्रभावितों की कलेक्टर से गुहार, बोले- खेत-घर डूबेंगे तो कहां जाएंगे, पढ़े खबर 

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नीमच। जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित शिवाजी सागर ठिकरिया डेम की प्रस्तावित ऊंचाई बढ़ाने के फैसले को लेकर ग्राम सीरखेड़ा सहित आसपास के गांवों में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि डेम की ऊंचाई बढ़ने से उनके खेतों तक पहुंचने वाले वर्षों पुराने रास्ते पूरी तरह बंद हो जाएंगे, जिससे खेती कार्य प्रभावित होगा और आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर उनके अस्तित्व और जीवनयापन पर खतरा मंडरा रहा है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि ग्राम पंचायत सीरखेड़ा के कई परिवार लंबे समय से यहां निवास कर रहे हैं, जिनके मकान और कृषि भूमि डूब क्षेत्र में आने की आशंका है। कई परिवारों के पास भूमि के वैध पट्टे नहीं होने से उन्हें मुआवजे से वंचित होने का डर भी सता रहा है।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया, “जब घर, खेत और रास्ते सब डूब जाएंगे तो आखिर जाएं तो जाएं कहां?”

इसके अलावा ग्रामीणों ने कहा कि जलभराव बढ़ने से गांव का आवागमन बाधित होगा, श्मशान घाट और अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रभावित होंगी, जिससे पूरा क्षेत्र संकट में आ जाएगा।

प्रशासन से मांग की गई है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कर पुनर्वास, उचित मुआवजा और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

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