देवास। जिले के उदयनगर तहसील अंतर्गत ग्राम भुरियापुरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किसान की 25 वर्ष पहले खरीदी गई जमीन को फर्जी तरीके से दोबारा बेचकर दूसरे के नाम नामांतरण करा दिया गया। पीड़ित किसान अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे किसान ने संयुक्त कलेक्टर विशाखा देशमुख को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसने करीब 25 साल पहले विधिवत रजिस्ट्री कर जमीन खरीदी थी, लेकिन उस समय नामांतरण नहीं हो सका। अब जब वह नामांतरण के लिए पहुंचा तो खुलासा हुआ कि उसकी ही जमीन को फर्जी तरीके से पड़ोसी को बेचकर रजिस्ट्री और नामांतरण भी करवा दिया गया है।
किसान ने इसे सीधा-सीधा धोखाधड़ी का मामला बताते हुए कहा कि इस फर्जीवाड़े से उसका पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। उसने कई बार संबंधित विभागों में शिकायत की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उसे कलेक्टर जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर संयुक्त कलेक्टर ने शिकायत दर्ज कर संबंधित तहसील कार्यालय को जांच के निर्देश दिए हैं और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं पीड़ित की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर उसकी जमीन वापस उसके नाम की जाए।
अब बड़ा सवाल-आखिर 25 साल पुरानी जमीन का फर्जी सौदा और नामांतरण कैसे हो गया? क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई या फिर यूं ही भटकता रहेगा किसान?