खरगोन। भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र के हजारों आदिवासी किसानों को मिले वन अधिकार पट्टे अब उनके लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। पट्टाधारी किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनने से उन्हें फसल उत्पादन के लिए रासायनिक खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों में चिंता और नाराजगी बढ़ रही है।
नए शासकीय नियमों के अनुसार रासायनिक खाद के लिए ई-टोकन केवल उन्हीं किसानों को जारी किए जा रहे हैं, जिनके पास कृषि भूमि की पावती या बी-1 खसरा उपलब्ध है। ऐसे में वन अधिकार पट्टा प्राप्त किसानों को खाद नहीं मिलने से उनकी फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।
इसी समस्या को लेकर भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र की विधायक एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष झूमा सोलंकी ने पट्टाधारी किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला कलेक्टर भव्या मित्तल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याओं से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा ओर मांग की कि पट्टाधारी किसानों को मैन्युअल रूप से ई-टोकन जारी किए जाएं, ताकि उन्हें समय पर रासायनिक खाद मिल सके और फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
कलेक्टर भव्या मित्तल ने किसानों की समस्या का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर विधायक सोलंकी ने बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना एवं झिरन्या उद्वहन परियोजना से जल्द पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर भी एक आवेदन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में अशोक सिसोदिया, मोहन वास्कले, शिवराम पटेल, जाल सिंह, सरपंच भग्गू, हरेसिंह, चंद्रसिंह, सरपंच अनिल वास्कले, मंगल सिंह सहित बड़ी संख्या में पट्टाधारी किसान उपस्थित थे।