आगर-मालवा। जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं से प्राप्त नकद दान, सोने-चांदी के आभूषण और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं पाई गई। जिसकी शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को जांच आदेश दिए हैं।
कलेक्टर प्रीति यादव ने तीन सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित कर सात दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच में गैर-शासकीय समिति की ओर से चढ़ावा लेने और निजी बैंक खातों के उपयोग के आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
गैर-शासकीय समिति पर दान लेने का आरोप
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार शिकायत में आरोप है कि मंदिर परिसर में शासकीय प्रबंधन समिति से अलग एक गैर-शासकीय समिति श्रद्धालुओं से नकद, सोना और चांदी के रूप में दान एकत्र कर रही थी। इसके अलावा चढ़ावे की राशि के लिए निजी बैंक खातों के उपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की भी शिकायत मिली है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.एस. सोलंकी करेंगे। जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नगर परिषद नलखेड़ा की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है। समिति को सात दिन के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपना होगा।
जांच दल यह पता लगाएगा कि मंदिर परिसर में किसी गैर-शासकीय या अपंजीकृत समिति द्वारा समानांतर रूप से दान और चढ़ावा तो नहीं लिया जा रहा था। इसके अलावा रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों और अन्य अभिलेखों के आधार पर नकद, स्वर्ण और रजत की प्राप्ति व उसके लेखा-जोखा का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच होगी कि इस मामले में किसी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन या अन्य व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी बनती है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान मिली थीं शिकायतें
कलेक्टर ने जांच दल को तत्काल मंदिर परिसर का निरीक्षण करने, संबंधित दस्तावेजों की जांच करने, पक्षकारों के बयान दर्ज करने और आवश्यक साक्ष्य एकत्र करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार हाल ही में कलेक्टर प्रीति यादव ने नलखेड़ा स्थित मंदिर का निरीक्षण किया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने मौखिक रूप से दान और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसके बाद जांच के आदेश जारी किए गए। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि लिखित शिकायत किस व्यक्ति या संस्था ने दी है।
गर्भगृह के सौंदर्यीकरण की भी होगी पड़ताल
सूत्रों के अनुसार मंदिर के गर्भगृह में सोने और चांदी से किए गए सौंदर्यीकरण का कार्य भी इसी समिति के माध्यम से कराया गया था। इसके लिए श्रद्धालुओं से सोना, चांदी और नकद दान लिया गया था। जांच के दौरान इन दानों के संग्रह, उपयोग और संबंधित रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया जा सकता है।
इस मामले में कलेक्टर प्रीति यादव का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। जांच दल के सदस्य मनीष सोलंकी ने बताया कि उन्हें समिति में शामिल किए जाने की जानकारी मिल चुकी है और नियमानुसार जांच की जाएगी।