मंदसौर। सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में डीन डॉ. शशि गांधी के मार्गदर्शन में 6 एवं 7 जुलाई को शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान कर समय पर उचित मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम में मनोरोग विभाग के डॉ. निशांत पटेल ने Psychological First Aid (मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता) तथा मानसिक बीमारी के शुरुआती चेतावनी संकेतों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय रहते समस्याओं की पहचान और संवेदनशील व्यवहार से कई गंभीर परिस्थितियों को टाला जा सकता है।
इसके बाद मनोरोग विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. रोहित ने आत्महत्या रोकथाम विषय पर व्याख्यान देते हुए चेतावनी संकेतों, जोखिम कारकों तथा समय पर सहायता और रेफरल के महत्व पर प्रकाश डाला।
समापन सत्र में औषधि विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. कार्तिक साल्वे ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर अपने विचार साझा करते हुए संस्थान में संवेदनशील एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कांत गुलेरी, औषधि विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल, शिशु रोग विभाग की डॉ. नेकी मिनारे सहित महाविद्यालय के अनेक संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर सक्रिय चर्चा की तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक एवं संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण तैयार करने का संकल्प लिया।