नीमच । नीमच शहर में एचडीएफसी बैंक शाखा में करीब 6 करोड़ 50 लाख का घोटाला सामने आया था। जहां बैंक के कर्मचारी द्वारा कैश डिपोजिट मशीन से रूपए गायब किए जा रहे थे। जिसका खुलासा बैंक की आडिट रिपोर्ट से हुआ। वहीं मामले में बैंक की शिकायत पर कैंट पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज जाँच शुरू की है। घोटाले की बात सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारी परिवार समेत फरार हो गया है।
वहीं आज दिनांक 28 फरवरी को कैंट थाना पुलिस ने एचडीएफसी बैंक की नीमच शाखा के मैनेजर कपिल चौबे को पूछताछ के लिए बुलाया है। कपिल चौबे से इस प्रकरण के जाँच अधिकारी द्वारा लम्बी पूछताछ की जा रही है। ब्रांच मैनेजर कपिल चौबे को केंट थाने में आज दोपहर 12 बजे बुलाया गया था जो खबर लिखे जाने तक उनसे हर बिंदु पर बारीकी से और गहनता से तफ्तीश की जा रही है।
जिस प्रकार से पुलिस द्वारा लम्बी पूछताछ चल रही है उसको लेकर लगता है कि कोई बड़ा खुलासा भी हो सकता है। वॉइस ऑफ एमपी शुरू से ही इस बात पर जोर दे रहा है कि ये रुपयों का गबन किसी एक व्यक्ति के द्वारा संभव नहीं हो सकता है। जिस प्रकार से मैनेजर कपिल चौबे से पूछताछ की जा रही है तो ये बात कई संभावनाओं की ओर इशारा कर रही है।
एचडीएफसी बैंक के रीजनल मैनेजर नितेश पाटिल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि बैंक के ऑडिट में इस बात का खुलासा हुआ है कि एचडीएफसी बैंक नीमच शाखा के कर्मचारी रितेश ठाकुर के द्वारा 6 करोड़ 16 लाख 21 हजार रूपए की हेराफेरी की गई है। इसके बाद कर्मचारी रितेश ठाकुर ने बैंक में हेराफेरी की गई रकम में से 1 करोड़ 60 लाख 64 हजार रूपए जमा करवा दिए है। शेष रकम 4 करोड़ 55 लाख 57 हजार रूपए का गबन किया है। केंट थाने पर रीजनल मैनेजर की जानकारी के अनुसार अपराध क्रमांक 110/23, भादसं की धारा 409 के तहत प्रकरण पंजीकृत किया गया है। प्रकरण की जांच जारी है।
ज्ञात रहे कि एचडीएफसी बैंक के कर्मचारी रितेश ठाकुर ने कैश डिपॉजिट मशीन के द्वारा 6 करोड़ से अधिक रुपयों का हेरफेर किया था। जिसके खिलाफ कैंट थाने पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान में लिया गया है।