शाजापुर। नगरपालिका में सीएमओ और अध्यक्ष के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। रविवार दोपहर कांग्रेस पार्षद दल ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें नेता प्रतिपक्ष अजीज मंसूरी ने नगरपालिका अध्यक्ष प्रेम जैन के वीडियो और बयानों का हवाला देते हुए गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
मंसूरी ने दावा किया कि नगरपालिका में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है और अधिकारी-कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुत्तों की नसबंदी के नाम पर कागजों में 17 लाख रुपए खर्च दिखाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जनप्रतिनिधि बोर्ड निर्माण, डीजल-पेट्रोल खर्च और वाहन उपयोग में भी भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वाहनों के मीटर बंद कर हर महीने लाखों रुपये का भुगतान निकाला जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने शहर की सीवरेज परियोजना की खराब स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करोड़ों की लागत से बनी सीवरेज लाइनें जगह-जगह बंद पड़ी हैं। इसके अलावा, नर्मदा जल योजना के क्रियान्वयन को लेकर भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।
प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक प्रतिनिधि आशुतोष शर्मा ने कहा कि सीवरेज कार्य में घटिया निर्माण हुआ है, जिससे आधे शहर में व्यवस्था ठप है। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण कार्य में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वरप्रताप सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
नगरपालिका अध्यक्ष भी लगा चुके हैं आरोप
दूसरी ओर, नगरपालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने स्वयं सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि शाजापुर श्सजापुरश् बन गया है और नगरपालिका में ठेकेदारों व सप्लायरों का दबदबा है। जैन ने स्ट्रीट लाइट, पार्कों की बदहाली, नाले-नालियों की सफाई, चीलर नदी की जालियों की मरम्मत और लंबित विकास कार्यों को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 10 करोड़ रुपये की विकास राशि की फाइल आगे नहीं बढ़ी है। अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और बार-बार कलेक्टर कार्यालय या मीटिंग का बहाना बनाते हैं। उन्होंने इन मामलों की शिकायत मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री, सांसद और विधायक से करने की बात कही है।