नीमच। श्रीमती स्वागिता पूर्णेश श्रीवास्तव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा लोन दिलाने के नाम पर फरियादीगण से रूपये व चौक लेकर ठगी करने वाले आरोपी मोहित पिता नंदकिशोर पारवानी, उम्र-24 वर्ष निवासी-278, विकास नगर 14/04, जिला नीमच को धारा 420 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 3 वर्ष के सश्रम कारावास व 10,000रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं श्री राजेन्द्र नायक द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अपै्रल-मई 2021 की अवधि में आरोपी द्वारा जारोली काम्पलेक्स नीमच में एमपी फायनेंस के नाम से कार्यालय संचालित करते हुए अखबार के माध्यम से लोन दिलाने हेतु विज्ञापन प्रकाशित करवाया था। इसी अवधि में कई लोग लोन लिये जाने हेतु आरोपी के कार्यालय में उपस्थित हुए, जिसमें से आरोपी द्वारा फाईल चार्ज व कमीशन के नाम पर फरियादी महिपाल चौहान से 11600रू, दयानंद से 15500रू, बलराम से 15000रू, यशवंत से 20000रू, रवि से 3360रू, रूबिनाबानों से 10,000रू नगद एवं हस्ताक्षरित चौक प्राप्त कर लिये। आरोपी द्वारा उक्त व्यक्तियों को कोई लोन नहीं दिलवाया गया व कुछ समय पश्चात् ज्ञात हुआ की आरोपी फर्जी व्यक्ति हैं, जो कि लोन दिलाने के नाम पर पैसे लेकर धोखाधडी कर रहा हैं। फरियादी ने घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना नीमच केंट पर की जिस पर से अपराध क्रमांक 336/21 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। विवेचक एएसआई कैलाश सौलंकी द्वारा विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य एकत्रित कर अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी व अन्य पीडित व्यक्तियों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराते हुए अपराध को प्रमाणित कराकर वर्तमान में आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के प्रति बढते हुए इस प्रकार अपराधों को देखते हुए आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिससे सहमत होकर न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री राजेन्द्र नायक, एडीपीओ द्वारा की गई।